पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर 2026 को यह अलर्ट जारी किया, जिसमें छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिलों को अत्यधिक प्रभावित बताया गया है। इस अलर्ट का उद्देश्य लोगों को संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सतर्क रहने के लिए प्रेरित करना है।
छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम में रेड अलर्ट
छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट घोषित किया है। यहां अगले 24 घंटों में 4 से 8 इंच बारिश की संभावना जताई गई है। इस चेतावनी के तहत, स्थानीय प्रशासन ने आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। संभावित जलभराव और यातायात जाम से बचने के लिए लोग घरों में रहने को प्रोत्साहित किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में पहले भी ऐसी स्थिति देखी गई है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
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ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
इसके अलावा, छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। यहां 100 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, क्योंकि फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
मौसम प्रणाली की भूमिका
मौसम प्रणाली के तहत उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया सक्रिय है। इससे जुड़ी तीन ट्रफ लाइनों की सक्रियता भी बारिश के इस दौर को बढ़ावा दे रही है। इन परिस्थितियों के चलते क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। यह स्थिति न केवल स्थानीय जलवायु को प्रभावित कर रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर देखा जा सकता है।

जलाशयों पर प्रभाव
लगातार बारिश और जलभराव के कारण जबलपुर स्थित बरगी बांध के गेट खोलने की तैयारी की गई है। भोपाल के भदभदा डैम में भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। जलाशयों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
ग्रामीण और शहरी इलाकों पर असर
भारी बारिश का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में देखा जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। जलभराव के कारण कई जगहों पर आवागमन कठिन हो गया है।
अगले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, 4 और 5 सितंबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में अति भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं और गरज-चमक भी हो सकती हैं। इस स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। संभावित खतरों से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को तैयार रहने का निर्देश दिया है।



