कूनो नेशनल पार्क से लापता मादा चीता निर्वा 13 दिन बाद सुरक्षित मिली है। निर्वा के गायब होने के बाद वन विभाग ने उसकी खोज के लिए विशेष टीमें गठित की थीं।
कूनो से 13 दिन से लापता थी निर्वा
निर्वा 20 अगस्त को अपने तीन शावकों से अलग हो गई थी और उसके सैटेलाइट कॉलर ने तकनीकी खराबी के कारण सिग्नल भेजना बंद कर दिया था। इसके चलते उसकी सटीक लोकेशन मिलना बंद हो गया था।
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यह स्थिति वन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण थी। हालांकि, वन विभाग ने 13 दिनों की मेहनत के बाद उसे शिवपुरी जिले के रिहायशी इलाके से लगे खेतों में ढूंढ निकाला।

निर्वा की खोज में जुटी विशेष टीमें
वन विभाग ने चीता की खोज के लिए 5 विशेष टीमें बनाई थीं। इन टीमों में 50 से अधिक कर्मी शामिल थे। फील्ड ट्रैकर्स और वनकर्मियों ने सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की मदद ली थी।
इसके अलावा, वन्यजीवों के शिकार वाले इलाकों पर भी नजर रखी जा रही थी। टीमों ने अन्य चीतों के व्यवहार को भी बारीकी से देखा।
निर्वा का स्वास्थ्य परीक्षण
निर्वा के मिलने के बाद पशु चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। परीक्षण में निर्वा को पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।
इसके बाद उसे ट्रैंक्यूलाइज कर पुरानी कॉलर आईडी हटाई गई और नई सैटेलाइट कॉलर आईडी लगाई गई।

अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि
प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. समीता राजोरा और फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने निर्वा के सुरक्षित मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि टीमों की मेहनत से यह संभव हो पाया।
उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में उसकी लोकेशन ट्रैकिंग में किसी समस्या से बचने के लिए नई कॉलर आईडी लगाई गई है।
आम आदमी पर असर
वन्यजीवों की सुरक्षा और उन्हें ट्रैक करने की तकनीक पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा। निर्वा की सकुशल वापसी से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी सर्च ऑपरेशन में सहयोग किया, जिससे वन विभाग और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।



