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भोपाल। मध्यप्रदेश में तबादलों का सीजन चल रहा है। कैबिनेट ने कल ही इसकी अवधि 17 जून तक बढ़ा दी है। पुलिस मुख्यालय ने मध्यप्रदेश के पुलिस अफसरों को आदेश जारी कर कहा है कि किसी भी थाने में 4 साल या उससे ज्यादा समय से तैनात आरक्षक और उपनिरीक्षकों का तबादला 16 जून तक कर दिया जाए।
पुलिस मुख्यालय ने यह आदेश भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नर, जबलपुर–भोपाल के रेल पुलिस अधीक्षक एवं प्रदेश के सभी जिलों के अफसरों को दिया गया है। यह निर्देश स्पेशल डीजी (प्रशासन) आदर्श कटियार ने जारी किया है। उन्होंने कहा है कि थानों में लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों को हटाना जरूरी है ताकि कामकाज पारदर्शी और जनता के हित में बना रहे। समय–समय पर तबादला होने से काम में भी बदलाव आता है और पुलिस के खिलाफ शिकायतें भी कम होती हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा पहले भी इसको लेकर पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्देश जारी किए जाते रहे हैं लेकिन कई जिलों में इस पर अमल नहीं किया गया है। इसलिए इसके निर्देश दोबारा जारी किए जा रहे हैं।
तबादले में ये नियम होंगे लागू
किसी भी पुलिसकर्मी को एक ही थाने में एक पद पर 4 या 5 साल से ज्यादा नहीं रखा जाएगा। इसके साथ ही तबादला होने के बाद उसी थाने में फिर से उसी पद पर पोस्टिंग नहीं मिलेगी। अगर किसी को फिर उसी थाने में लाना हो, तो कम से कम 3 साल का गैप होना जरूरी है। एक ही पुलिस क्षेत्र में अलग–अलग पदों पर कुल मिलाकर 10 साल से ज्यादा पोस्टिंग नहीं हो सकती। इसमें अटैचमेंट की पोस्टिंग भी गिनी जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में मिलेगा आरक्षण
राज्य सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण को लेकर नया प्रारूप तैयार कर लिया है, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्रिपरिषद ने सहमति जता दी है। यह प्रस्ताव जल्द ही अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, किसी पद के लिए रिक्तियों का वर्गीकरण अनुसूचित जाति (16%), अनुसूचित जनजाति (20%) और अनारक्षित वर्ग के अनुसार किया जाएगा। सबसे पहले एसटी वर्ग के पद भरे जाएंगे, फिर एससी वर्ग के, और अंत में अनारक्षित पदों पर सभी योग्य दावेदारों को अवसर मिलेगा। यदि आरक्षित वर्ग में कोई पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलता है तो संबंधित पद खाली रखे जाएंगे। सरकार ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल सितंबर से नवंबर के बीच संपन्न होगी। पात्रता का निर्धारण 31 दिसंबर तक किया जाएगा और 1 जनवरी से पद रिक्तियों के अनुसार योग्य अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी।



