इंदौर। भाजपा के भारी मतों से चुने हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव कल नगर निगम के परिषद सम्मेलन में सड़कों के गड्ढों से जुड़े सवालों पर उलजलूल तर्क और जवाब देते नजर आए। महापौर से जब कांग्रेस पार्षदों ने सड़कों के गड्ढे पर सवाल पूछे और संघ के पथ संचलन का उदाहरण दिया तो महापौर ने कहा-संघ को भाजपा की जरूरत नहीं।
महापौर के इस जवाब पर शहर की जनता बड़ी कन्फ्यूज है। एक तो संघ और भाजपा का संबंध समझ नहीं आ रहा। लोग सोच रहे हैं कि जब संघ को भाजपा की जरूरत नहीं तो फिर संघ के स्वयंसेवक चुनावों में मतदान वाले दिन घर-घर से मतदाताओं को बाहर निकालने क्यों आते हैं? दूसरा कि संघ के लोग भाजपा में संगठन महामंत्री या प्रभारी क्यों बनते हैं? तीसरा बकौल महापौर जब संघ को भाजपा की जरूरत नहीं तो क्या भाजपा को भी संघ की जरूरत नहीं?
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आम जनता भी बन जाए स्वयंसेवक
महापौर के इस जवाब से तो यही लगता है कि शहर के प्रति उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। जो संघ चुनाव-दर-चुनाव भाजपा को इंदौर में विजयी बनाता रहा है, उसके प्रति भी वे अपनी कोई जिम्मेदारी नहीं समझते। माना कि संघ के स्वयंसेवक अपनी मदद करने में स्वयं सक्षम हैं, लेकिन इतने बड़े शहर के नगर निगम के मुखिया होने के नाते क्या आपका कोई कर्त्तव्य नहीं था? गड्ढे भरने का काम आखिर किसका है? अब चिन्ता इस बात की है कि महापौरजी कहीं यह न कह दें कि शहर की जनता भी स्वयंसेवकों की तरह सड़कों के गड्ढे भर दे। ऐसा भी हो सकता है कि महापौरजी कोई ऐसा अभियान चला दें कि अपने घर के सामने के गड्ढे लोग खुद भरें।
आखिर जिम्मेदारी से कैसे भाग सकते हैं जनप्रतिनिधि
महापौरजी, शायद यह भी भूल गए हैं कि उन्हें जनता ने इस शहर के प्रथम नागरिक के बतौर चुना है। लोकतंत्र मे कोई भी जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकता। चुने जाने के बाद पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलाई जाती है। मध्यप्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे महापौर कानून के प्रकांड ज्ञानी हैं, क्या उन्हें नहीं पता कि उनकी शहर के प्रति क्या जिम्मेदारी है?
पूरे शहर ने देखा पथ संचलन का हाल
इंदौर में 5 अक्टूबर को पथ संचलन निकला था। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर इतने गड्ढे थे और पानी भरा था कि वहां से पथ संचलन निकलना मुश्किल था। ऐसे में संघ के स्वयंसेवकों ने गिट्टी-मुरम और लकड़ी के पटिए डालकर जैसे-तैसे चलने लायक रास्ता बनाया। किसी भी तरह से पथ संचलन निकला। इसका फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर जमाकर वायरल हुआ और लोगों ने भाजपा के नगर निगम की जमकर खिल्ली भी उड़ाई।



