इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आज से शुरू हो गई है। यह बैठक संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा और संगठन विस्तार पर मंथन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इंदौर के डेली कॉलेज में संघ की उच्च स्तरीय बैठक
मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित डेली कॉलेज परिसर में 2 नवंबर से 4 नवंबर 2026 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक का आयोजन किया गया है। यह स्थल संघ के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, जहां 26 साल बाद इतनी बड़ी बैठक हो रही है।
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बैठक में देशभर के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों से कुल 408 वरिष्ठ प्रतिनिधि और पदाधिकारी शामिल हैं। आयोजन स्थल को भगवा ध्वज से सजाया गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

डॉ. मोहन भागवत ने बैठक का किया शुभारंभ
इस तीन दिवसीय बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने किया। इसके अलावा सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और छह सह सरकार्यवाह भी बैठक में उपस्थित हैं।
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने मीडिया को बैठक की रूपरेखा और एजेंडा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य फोकस संघ की शताब्दी वर्ष के दौरान हुए अभियानों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं पर मंथन करना है।
संघ की शाखाओं और आयोजनों का विस्तार
सुनील आंबेकर के अनुसार, वर्तमान में देशभर में संघ की दैनिक शाखाओं की संख्या 1,01,151 से अधिक हो गई है। पिछले एक वर्ष में 13,000 से ज्यादा नई शाखाएं जोड़ी गई हैं।
साथ ही, संघ ने 65,660 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया है। यह आंकड़े संघ के संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक जागरूकता अभियानों की मजबूती को दर्शाते हैं।

सामाजिक बदलाव के लिए पंच परिवर्तन योजना
बैठक में ‘पंच परिवर्तन’ नामक पांच महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर चर्चा हो रही है। ये हैं- सामाजिक समरसता, पर्यावरण-अनुकूल जीवन शैली, कुटुंब प्रबोधन, ‘स्व’ का भाव और नागरिक कर्तव्य।
यह पहल संघ की सामाजिक जागरूकता और बदलाव के प्रयासों को नई दिशा देगी। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर लोगों को जोड़ने और जागरूक करने की योजना तैयार की जा रही है।
संगठन के नए ढांचे पर अंतिम निर्णय
बैठक में संघ के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव पर भी विचार किया जा रहा है। बताया गया है कि मार्च 2027 तक नया संगठनात्मक ढांचा तैयार होगा।
इस नए ढांचे के तहत जिला, विभाग, प्रांत, क्षेत्र और अखिल भारतीय स्तर पर चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाएगा। यह कदम संघ के दीर्घकालिक विस्तार और मजबूती के लिए अहम है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर मंथन
बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल प्रभाव, युवा सहभागिता और नशामुक्त भारत जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हो रहा है। महिला सहभागिता बढ़ाने के लिए भी विशेष रूपरेखा बनाई जा रही है।
इस प्रकार, यह तीन दिवसीय बैठक संघ के वर्तमान और भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए संगठन को अधिक सशक्त बनाने का प्रयास है।



