इंदौर। नीट यूजी परीक्षा में बिजली गुल होने से कई सेंटरों पर परेशानी आई थी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका लगाई गई है, जिस पर सोमवार को भी सुनवाई हुई। एनटीए की ओर से एडवोकेट हिमांशु जोशी ने कोर्ट में जवाब पेश किया है, जिसमें कहा गया कि बिना असुविधा के परीक्षा कराई गई है। मामले में अगली सुनवाई 22 मई को होगी।
याचिकाकर्ता के वकील मृदुल भटनागर ने बताया कि अपने जवाब में एनटीए ने कहा है कि हमने बहुत शांतिपूर्ण वातावरण और बिना किसी असुविधा के एग्जाम कराया था। उन्होंने माना है कि एग्जाम के दौरान कई सेंटर पर 10 मिनट से लेकर एक घंटे तक लाइट नहीं थी। जो असुविधा हुई थी उसके लिए कैंडल लाइट और जनरेटर के माध्यम से लाइट की व्यवस्था की थी। चूंकि समर सीजन में परीक्षा आयोजित हुई थी। पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था थी इसलिए कोई असुविधा नहीं हुई। यह उनका आश्चर्यजनक जवाब है। मेरे हिसाब से बारिश के दौरान नेचुरल लाइट होना असंभव है।
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भटनागर ने बताया कि हम पेरेंट्स से डिस्कस कर अगली तारीख में जवाब देंगे। कोर्ट ने सभी प्रभावित सेंटर पर रोक लगाई है। करीब 25 सेंटर ऐसे हैं जहां पर बच्चों के एग्जाम प्रभावित हुए हैं। इनके एनटीए के जवाब में भी 24 सेंटर ऐसे हैं जहां पर असुविधा हुई थी। इस मामले में शनिवार को पांच अन्य याचिकाएं लगाई गईं, जिन्हें मर्ज कर लिया गया था। ऐसे में 15 से ज्यादा याचिकाओं की एक साथ सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर कोर्ट ने यूजी के अंतरिम परिणाम पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा कि अंतिम फैसला होने तक रिजल्ट जारी न किया जाए। याचिकाकर्ता के वकील मृदुल भटनागर ने बताया था कि पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने एनटीए, बिजली कंपनी और परीक्षा केंद्र को नोटिस जारी किए हैं। 30 जून तक सभी को जवाब पेश करना होगा। 4 मई को मध्यप्रदेश के 30 शहरों में हुई इस परीक्षा में करीब ढाई लाख छात्र शामिल हुए थे।
आंधी से चली गई थी बिजली
उल्लेखनीय है कि इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया।



