इंदौर। इंदौर ने मंगलवार को अपनी पहली भूमिगत मेट्रो की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम आगे बढ़ाया। टनल बोरिंग मशीन (TBM) “नर्मदा” ने भूमिगत टनल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह इंदौर शहर के इतिहास में पहली बार है, जब टनल बोरिंग मशीन ने भूमिगत होकर टनल निर्माण का कार्य शुरू किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री एस. कृष्ण चैतन्य ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी टीम एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए आगामी टनल निर्माण कार्यों में सुरक्षा, गुणवत्ता एवं निर्धारित तकनीकी मानकों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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अत्याधुनिक EPB तकनीक से होगा टनल निर्माण
टीबीएम ‘नर्मदा’ Earth Pressure Balance (EPB) Mix Shield तकनीक पर आधारित है। मशीन के आगे बढ़ने के साथ प्री-कास्ट कंक्रीट रिंग्स स्थापित होती जाती हैं। निर्धारित अलाइनमेंट पर सटीक संचालन, गैस मॉनिटरिंग सिस्टम, आपात स्थिति में वन सेकेंड इमरजेंसी स्टॉप तथा 24×7 कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं टनल निर्माण की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करती हैं। “नर्मदा” मशीन का कटिंग व्हील 6.65 मीटर व्यास का है और कुल लंबाई लगभग 102 मीटर है। इस मशीन ने 25 अप्रैल 2026 को थाईलैंड में Factory Acceptance Test (FAT) सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद इसे इंदौर लाया गया और साइट पर सावधानीपूर्वक असेंबल करने के पश्चात एयरपोर्ट स्टेशन से लॉन्च किया गया है। सतह से लगभग 20 मीटर तक की गहराई में यह मशीन एयरपोर्ट स्टेशन से भूमिगत टनल का निर्माण करेगी।
भूमिगत निर्माण के लिए व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था
भूमिगत निर्माण के दौरान आमजन और आसपास की संरचनाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। जमीन और भवनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए विस्तृत इंस्ट्रूमेंटेशन स्क्रीम तैयार की गई है। इसके अंतर्गत लगाए जाने वाले सेंसर जमीन अथवा भवनों में होने वाले अत्यंत मामूली बदलाव की भी जानकारी विशेषज्ञों को उपलब्ध कराएंगे। इससे आवश्यकता होने पर समय रहते उचित Corrective Action लिया जा सकेगा। इस प्रकार सुरंग निर्माण के दौरान आमजन की सुरक्षा, भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और जमीन की स्थिरता की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।



