उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में नूरानी मस्जिद के नीचे पुराने कुएं का दावा और हनुमान चालीसा को लेकर विवाद ने स्थानीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है। इस विवादित मामले में विभिन्न पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और प्रशासन की सक्रियता देखी जा रही है।
नूरानी मस्जिद परिसर के नीचे पुराने कुएं का दावा और शिकायत
बिजनौर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बनखला में स्थित नूरानी मस्जिद के नीचे एक पुराने कुएं के होने का दावा स्थानीय ग्रामीणों ने किया है। सितंबर 2026 की शुरुआत में वार्ड सदस्य आलोक सिंह और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा को एक शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत में आरोप था कि मस्जिद कमेटी ने सार्वजनिक पीने के पानी के कुएं पर अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण किया है।
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शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कुएं के ऊपर शौचालय और बाथरूम का निर्माण किया गया है, जिससे गंदा पानी सीधे कुएं में जा रहा है। उन्होंने मामले की खुदाई और जांच की मांग की है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रशासनिक निरीक्षण और विवाद का तूल
21 सितंबर 2026 को नगीना के उपजिलाधिकारी प्रिंस कुमार और क्षेत्राधिकारी राजेश सोलंकी ने राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम के साथ मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया। दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया गया। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
वहीं, मस्जिद के आसपास विवाद बढ़ने लगा जब हिंदू रक्षा दल ने 22 सितंबर को मस्जिद परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया। इस ऐलान से क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
हनुमान चालीसा पाठ का ऐलान और पुलिस की सख्ती
हिंदू रक्षा दल के जिला अध्यक्ष कौशिक त्यागी और अन्य पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर पोस्टर्स के माध्यम से हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन घोषित किया था। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बनखला और लक्खूवाला गांवों में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दिया।
22 सितंबर को पुलिस ने बिना अनुमति धार्मिक आयोजन करने आए हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं को रोक दिया। नायब तहसीलदार अंकित कुमार और पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया। इस कारण बड़ी संख्या में विवाद की आशंका टल गई।
स्थानीय ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और सांप्रदायिक माहौल
गांव के स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि बाहरी लोगों को गांव में प्रवेश न दिया जाए। उनका मानना है कि इससे आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि मस्जिद के आसपास इस तरह की घटनाएं पहले नहीं हुईं और विवाद को बढ़ावा देना सही नहीं है।
मस्जिद के एक निवासी शमशाद ने कहा कि हमारे पूर्वजों के सामने कभी मस्जिद में कुएं का कोई अस्तित्व नहीं था। इसके चलते वे इस पूरे विवाद को राजनीतिक और साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश मानते हैं।
मामले की जांच और प्रशासन की भूमिका
प्रशासन ने मामले की जांच जारी रखी है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि किसी भी प्रकार की हिंसा या तनाव की स्थिति न बने। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचेगा। पुलिस और राजस्व विभाग दोनों मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।
बिजनौर के सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में विवाद का प्रभाव
बिजनौर में नूरानी मस्जिद के नीचे पुराने कुएं के दावे और हनुमान चालीसा विवाद का स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर गहरा असर पड़ सकता है। ऐसे विवाद आम जनता के जीवन में तनाव और असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं।
इसके अलावा, धार्मिक स्थलों और समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन और स्थानीय नेताओं की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। भविष्य में इस तरह के विवादों से बचने के लिए संवाद और समझौते को प्राथमिकता देना होगा।



