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इंदौर। लोकायुक्त की इंदौर इकाई ने शुक्रवार को धार के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुधीर मोदी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है। मोदी ने एक निजी हॉस्पिटल के संचालक से शिकायत होने के नाम पर रिश्वत मांगी थी।
आवेदक आशीष चौहान ने इसकी शिकायत लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की थी। चौहान ने बताया कि वह धार के श्री श्याम हॉस्पिटल का संचालक है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुधीर मोदी ने उसके हॉस्पिटल के संबंध में शिकायत प्राप्त होना वताकर आवेदक से रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के बाद शुक्रवार को ही एक ट्रैप दल का गठन किया गया। इस दल ने आरोपी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7, के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। ट्रैप दल में डीएसपी अनिरुद्ध वाधिया, इंस्पेक्टर विक्रम चौहान , प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक अनिल परमार, शैलेन्द्र वघेल, चेतन परिहार, श्रीकृष्णा अहिरवार आदि शामिल थे।
शिक्षक को भी 5 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा
लोकायुक्त की इंदौर इकाई ने शुक्रवार को ही ही एक अन्य कार्रवाई में मनीष भावसार माध्यमिक शिक्षक जन शिक्षा केंद्र उदयगढ़, जिला अलीराजपुर को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। इसकी शिकायत खीमा अजनार अतिथि शिक्षक ने की थी। शिकायत में कहा गया था कि आवेदक अतिथि शिक्षक के पद पर प्राथमिक शाला तडवी फलिया ग्राम बावड़ी फलिया उदयगढ़ ब्लॉक तहसील जोबट जिला अलीराजपुर में पदस्थ है। मनीष भावसार द्वारा 26 नवंबर को आवेदक के स्कूल का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान आवेदक को बच्चे कम होना का बताकर नौकरी से अलग करने का कहकर बोला कि अगर नौकरी पर रहना हो तो तुम्हें मुझे हर साल 10 हजार रुपए देना होंगे। नौकरी से हटाने की धमकी देकर आवेदक से लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के बाद जन शिक्षक मनीष भावसार को 5 हज़ार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ ट्रैप किया गया।



