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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर चुनाव के बीच पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने पीएम नरेंद्र मोदी के तीन खानदानों वाले बयान पर पलटवार किया है। महबूबा ने कहा कि पीएम मोदी को याद होगा कि वे सरकार बनाने के लिए दो-तीन महीने हमारे दरवाजे पर थे। महबूबा ने यह भी कहा कि अब्दुल्ला परिवार की वजह से भारत में कश्मीर है। अब्दुल्ला खानदान ने तब पाकिस्तान का एजेंडा लागू किया होता, तो जम्मू-कश्मीर भारत के बदले पाकिस्तान में होता और आजाद होता।
महबूबा शुक्रवार को श्रीनगर में मीडिया से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भाजपा को शेख अब्दुल्ला खानदान का शुक्रगुजार होना चाहिए कि उमर अब्दुल्ला ने यहां उनके एजेंडे को लागू किया। जहां तक महबूबा मुफ्ती, मुफ्ती परिवार और पीडीपी का सवाल है तो प्रधानमंत्री मोदी को याद होगा कि सरकार बनाने के लिए वे 2-3 महीने तक हमारे दरवाजे पर थे। सरकार बनाने के लिए हमने कई शर्तें रखीं थीं। इसमें 370 से छेड़छाड़ नहीं करने. सड़कें खोलने, पाकिस्तान और अलगाववादियों से बातचीत करना आदि शामिल था। वे खुद हमारे दरवाजे पर आए, जैसे वे उमर को मंत्री बनाने के लिए आए थे, देखिए अब वे क्या बोल रहे हैं?
शेख परिवार के कारण जम्मू-कश्मीर का विलय
महबूबा ने कहा कि पीएम मोदी को शेख परिवार का आभारी होना चाहिए, जिनके प्रयासों से देश में जम्मू कश्मीर का विलय हुआ। उमर अब्दुल्ला जब भाजपा में मंत्री थे, तब उन्होंने पोटा लाया। महबूबा पीएम मोदी के उस आरोप का जवाब दे रही थीं, जिसमें उन्होंने तीन खानदानों पर जम्मू-कश्मीर की बर्बादी का आरोप लगाया था। महबूबा ने कहा कि अब्दुल्ला और मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर को बर्बाद नहीं किया है। अगर शेख अब्दुल्ला 1948 में भारत के साथ नहीं होते तो यह राज्य पाकिस्तान में चला जाता या स्वतंत्र रहता।



