स्वतंत्रता दिवस की आधी रात केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ी कटौती की है। नए फैसले के तहत डीजल के एक्सपोर्ट पर टैक्स ₹25.5 से घटाकर ₹24 प्रति लीटर, पेट्रोल पर ₹3.5 से घटाकर शून्य और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर ₹22 से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। नई दरें 15 अगस्त से प्रभावी हैं।
क्यों घटाया गया विंडफॉल टैक्स?
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सरकार पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट पर लगाए जाने वाले शुल्क की हर दो सप्ताह में समीक्षा करती है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में बदलाव के आधार पर टैक्स बढ़ाया या घटाया जाता है। इससे पहले 3 अगस्त को सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट लेवी बढ़ाई थी।
विंडफॉल टैक्स पहली बार जुलाई 2022 में लगाया गया था। बाद में इसे हटाया गया और वैश्विक तेल बाजार में फिर से असाधारण परिस्थितियां बनने के बाद मार्च 2026 में दोबारा लागू किया गया।

क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा?
नहीं। यह फैसला सीधे पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल या डीजल की कीमत को कम नहीं करता। यह मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट पर लागू होने वाली लेवी है। इसलिए आम वाहन चालकों के लिए इसका सीधा मतलब पेट्रोल-डीजल के दाम में कटौती नहीं है।
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब वैश्विक तेल बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में एक्सपोर्ट टैक्स में बदलाव का असर तेल कंपनियों के रिफाइनिंग मार्जिन, निर्यात और मुनाफे पर ज्यादा पड़ सकता है।
अब सवाल जनता से
क्या आपको लगता है कि विंडफॉल टैक्स घटने के साथ घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी राहत मिलनी चाहिए?
क्या सरकार को अंतरराष्ट्रीय क्रूड सस्ता होने पर इसका फायदा सीधे आम जनता तक पहुंचाना चाहिए?
आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं और इस खबर को शेयर करें।



