गोवा अरपोरा अग्निकांड: आरोपी फुकेट फरार, इंटरपोल अलर्ट—राज्यभर के नाइटक्लबों पर अब कड़ा सुरक्षा शिकंजा

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

0:00

0:00 left

गोवा अरपोरा अग्निकांड: आरोपी फुकेट फरार, इंटरपोल अलर्ट—राज्यभर के नाइटक्लबों पर अब कड़ा सुरक्षा शिकंजा

गोवा के अरपोरा में नाइटक्लब में लगी भीषण आग के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस ने दिल्ली में छापेमारी के बाद मुख्य आरोपी गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा पर लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है। इमिग्रेशन रिकॉर्ड से पता चला कि दोनों घटना के कुछ घंटों बाद ही देश छोड़कर फुकेट भाग गए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद ली जा रही है।

A fire at a popular nightclub in India's Goa state kills at least 25,  officials say – WANE 15

दिल्ली से पकड़े गए आरोपी भारत कोहली को ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लाया गया है। पुलिस के अनुसार, FIR दर्ज होते ही दिल्ली में आरोपियों के घर छापेमारी की गई, लेकिन वे वहां नहीं मिले। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी 7 दिसंबर की सुबह 5:30 बजे मुंबई से फुकेट के लिए उड़ान भर चुके थे, जबकि आग आधी रात के करीब लगी थी—जिससे उनके भागने के इरादे साफ जाहिर होते हैं।

इस खुलासे के बाद गोवा पुलिस ने तुरंत मुंबई इमिग्रेशन और सीबीआई इंटरपोल डिवीजन से संपर्क कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुरक्षा में लापरवाही का खुलासा – NOC नहीं, निकास मार्ग अव्यवस्थित

शनिवार रात हुए इस हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया कि—

  • क्लब के पास फायर डिपार्टमेंट का NOC नहीं था

  • लाइसेंस अधूरे दस्तावेजों पर जारी किया गया था

  • निकास द्वार छोटा और अवरुद्ध था

  • बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता एक संकरे पुल से होकर था

इन्हीं खामियों के कारण लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए और इतनी बड़ी संख्या में जानें गईं।

राज्य सरकार की सख्ती: 7 दिन में सभी नाइटक्लबों को अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट

हादसे के बाद राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने गोवा के:

  • नाइटक्लब
  • रेस्टोरेंट
  • बार
  • इवेंट वेन्यू

आदि सभी प्रतिष्ठानों को 7 दिनों के भीतर आंतरिक सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है।

सरकार की नई गाइडलाइंस:

  • अधिकतम क्षमता का बोर्ड अनिवार्य
  • निर्धारित सीमा से अधिक भीड़ पर सख्त रोक
  • सभी अलार्म, स्मोक/हीट डिटेक्टर, स्प्रिंकलर, हाइड्रेंट और फायर एक्सटिंग्विशर पूरी तरह कार्यशील हों
  • सभी आपातकालीन निकास खुले और रोशन हों
  • निकासी मार्ग पर कोई अवरोध नहीं
  • हर शिफ्ट में फायर सेफ्टी ऑफिसर
  • नियमित निकासी ड्रिल

उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन/रद्दीकरण से लेकर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।

गोवा अग्निकांड ने एक बार फिर दिखा दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस तरह एक मनोरंजन स्थल को कुछ ही मिनटों में मौत के जाल में बदल सकती है। सरकार और अभियोजन एजेंसियां अब आरोपियों को पकड़ने और लापरवाही के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई के लिए तेज़ी से काम कर रही हैं।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

आखिर तुलसी पहलवान ने क्यों ली थी शिशुकुंज को बचाने की सुपारी, इंदौर से लेकर भोपाल तक के अफसरों को समझ नहीं आया

शहर के बहुत बड़े माने जाने वाले स्कूल शिशुकुंज में पिछले दिनों लंच के बाद बहुत सारे बच्चे बीमार पड़ गए थे। इसके बाद जांच-पड़ताल हुई। स्कूल वाले खुद को पाक-साफ बताते रहे, लेकिन पैरेंट्स जाग गए और फिर पता चला कि यहां तो बहुत गड़बड़ी है। इस पूरे मामले में प्रदेश के काबिना मंत्री तुलसी सिलावट जिन्हें तुलसी पहलवान भी कहते हैं काफी सक्रिय नजर आए।