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किसान नेता पंढेर की प्रधानमंत्री से अपील, आगे आइए और इस मोर्चे का शांतिपूर्ण हल कीजिए
किसान संगठनों और मोदी सरकार के बीच चार दौर की बैठक के बाद भी सहमति नहीं बनी. इसके बाद किसानों ने अपना मार्च जारी रखने का ऐलान किया है.किसानों की मुख्य मांगें हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को कानूनी गारंटी बनाया जाए. किसानों के कर्ज माफ किए जाएं और साल 2020-21 में किसानों के प्रदर्शन के दौरान किसानों पर किए गए केस वापस लिए जाएं.
दिल्ली चलो मार्च फिर शुरू होने से पहले किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसान-मजदूरों पर अर्धसैनिक बल के ज़रिए सरकार ज़ुल्म करा रही है. देश का पीएम होने के नाते नरेंद्र मोदी को संविधान की रक्षा करनी चाहिए और हमें शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाने देना चाहिए, ये हमारा अधिकार है. पंढेर ने कहा, मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा -ग़ैर राजनीतिक अपने प्रदर्शन के नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है. हमने प्रधानमंत्री जी को अपील की थी और कहा था कि ये सरकार मजदूर-किसानों के खून की प्यासी ना बने, मुझे नहीं लगता कि हम अपनी बात उन तक पहुँचाने में सफल हुए हैं. सरकार से हम कहते हैं, अगर मारना है तो हमें मार दीजिए लेकिन किसान मजदूरों पर जुल्म ना करें. हम आज भी प्रधानमंत्री महोदय से आग्रह करेंगे कि आगे आइए और इस मोर्चे का शांतिपूर्ण हल कीजिए.

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