आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई के दौरान बोला सुप्रीम कोर्ट- आप कैसे पता कर सकते हैं कि सुबह-सुबह किस कुत्ते का क्या मूड है

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को आवारा कुत्तों के मामले में फिर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुत्ता कब काट ले ये नहीं कह सकते हैं। आप कैसे पता कर सकते हैं कि सुबहसुबह किस कुत्ते का क्या मूड है। आपको नहीं पता होता है।

सुप्रीम कोर्ट वो आज इस मामले पर डॉग लवर और डॉग हेटर दोनों की बातें सुनेगा। सुप्रीम कोर्ट बेंच ने आवारा कुत्तों की सुनवाई के दौरान कहा कि पिछले 20 दिनों में राजस्थान में दो जजों का आवारा जानवरों की वजह से एक्सीडेंट हुआ है। बहस के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कुत्ते सड़कों पर नहीं होते हैं तो सुप्रीम कोर्ट ने नाराज होते हुए कहा कि लगता है आपकी जानकारी पुरानी है।

कोर्ट को बताया गया मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्यों ने अभी तक पिछले आदेश के अमल को लेकर जवाब दाखिल नहीं किया है। इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा कि क्या गेटेड सोसाइटी में कुत्ते होने चाहिए, इसके लिए कोई ऐसा प्रोविजन होना चाहिए कि आरडब्ल्यूए वोट के आधार पर फैसला करे? क्योंकि सभी जानवर प्रेमी हैं लेकिन हम इंसान प्रेमी भी हैं, एक दिन कोई भैंस का दूध पीने के लिए भैंस लाना चाहेगा, क्या इसकी इजाज़त दी जा सकती है?

कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ कुत्ते काटते ही हैं वो लोगों का पीछा भी करते हैं और इससे हादसा हो सकता है। जब वो सड़क पर दौड़ते हैं तो यह भी एक समस्या है। ऐसी सड़कें जहां गाड़ियां चलती हैं। यहां सिर्फ काटने की बात नहीं है। सिब्बल ने कहा कि कुत्ते सड़कों पर नहीं होते, वे कंपाउंड में होते हैं। कोर्ट ने सिब्बल से पूछा कि क्या आप सच कह रहे हैं? आपकी जानकारी पुरानी लगती है। बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है। सड़कों को कुत्तों से साफ और खाली रखना होगा। हो सकता है वे काटें नहीं, लेकिन फिर भी वे हादसों की वजह बनते हैं।

सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि एनएचएआई की तरह रेलवे मंत्रालय को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि रेलवे स्टेशन पर घटनाएं सामने रही हैं। इस पर जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि असम में ये दिक्कत है और रेलवे ने इन्फ्रारेड ट्रैकिंग का समाधान निकाला है।

कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर वहां कोई ऐसा कुत्ता है तो सेंटर को कॉल कर सकते हैं। वे कुत्ते की नसबंदी कर देंगे और फिर उसको वापस छोड़ दिया जाएगा। इस पर जस्टिस संदीप मेहता ने तंज कसते हुए कहा कि हां फिर एक ही चीज रह जाएगी कि कुत्ते की काउंसलिंग की जाए कि वो किसी को काटे।

कपिल सिब्बल ने जस्टिस संदीप मेहता की टिप्पणी पर कहा कि उन्हें लगता है कि ये मजाकिया अंदाज में कहा गया है। उन्होंने कहा कि अगर हमें दिक्कत है तो इसका मतलब ये तो नहीं कि हम क्रूर हो जाएं। जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि यह सिर्फ काटने की बात नहीं है, यह कुत्तों की वजह से होने वाली घटनाओं की भी बात है। आप कैसे पता कर सकते हैं कि सुबहसुबह किस कुत्ते का क्या मूड है। आपको नहीं पता होता है।

Ardhendu Bhushan
Ardhendu Bhushanhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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