रामपुर में आजम खान और बेटे को ED ने रिहा होते ही किया गिरफ्तार की खबर ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। दोहरे पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 31 अक्टूबर 2026 को जैसे ही आजम खान जेल से बाहर निकले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। हालांकि, उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान को रिहाई मिलते ही घर जाने की अनुमति दी गई।
आजम खान को ED की हिरासत में लेने का कारण
आजम खान की गिरफ्तारी ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ और ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ से जुड़े धन शोधन (PMLA) मामले की जांच के तहत हुई है। ईडी की लखनऊ जोनल यूनिट इस मामले की गहन जांच कर रही है। 28 अक्टूबर को जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया था, जिनकी कीमत लगभग ₹1,170 करोड़ आंकी गई है।
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ईडी का दावा है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच के लिए आजम खान की हिरासत आवश्यक है।

अब्दुल्लाह आजम खान की रिहाई और स्थिति
दोहरे पैन कार्ड मामले में आजम खान के साथ ही उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान को भी हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। हालांकि, ईडी ने केवल आजम खान को हिरासत में लिया और अब्दुल्लाह को जेल से रिहा कर दिया गया। अब्दुल्लाह अपने घर लौट चुके हैं और फिलहाल उनकी कोई कानूनी परेशानी सामने नहीं आई है।
इससे समर्थकों में असमंजस की स्थिति बनी रही, क्योंकि प्रारंभिक रिपोर्टों में दोनों के गिरफ्तार होने की गलत सूचना फैल गई थी।
जेल परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और समर्थकों का हंगामा
जेल के बाहर आजम खान की गिरफ्तारी के वक्त भारी पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवान तैनात थे। समर्थकों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की। वे इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहे थे।
इस दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

आजम खान का गिरफ्तारी के समय मीडिया से बयान
जेल परिसर से बाहर आते हुए आजम खान ने मीडिया से कहा, “अब बोलने को क्या बचा है? यह एक मुस्लिम होने की सजा है। गलती यह थी कि एक मुस्लिम ने यूनिवर्सिटी और स्कूल बनाए।” इस बयान से उनकी निराशा झलकती है और यह स्पष्ट करता है कि वे इस कार्रवाई को धार्मिक आधार पर हो रही प्रताड़ना मानते हैं।
उनकी इस टिप्पणी ने राजनीतिक दलों और आम जनता में चर्चा को और बढ़ा दिया है।
ईडी की अगली कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
ईडी आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करेगी, जहां उनसे पूछताछ के बाद रिमांड की मांग की जाएगी। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गंभीर माना जा रहा है।
जांच के दौरान ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े कई दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है। आगामी दिनों में इस मामले में और भी बयान और कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
रामपुर में राजनीतिक माहौल पर असर
आजम खान की गिरफ्तारी ने रामपुर में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी के समर्थक इस कदम को अन्यायपूर्ण बता रहे हैं। वहीं, राजनीतिक विरोधी दल इसे कानून के अनुसार कार्रवाई करार दे रहे हैं।
इस घटना से क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे और आगामी चुनावी रणनीतियों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।



