केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस की 2014 से 2024 तक की हार पर कांग्रेस से जवाब मांगा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन की चुनावी विश्वसनीयता पर पांच महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। यह सवाल कांग्रेस की लगातार तीन लोकसभा चुनावों में हुई हार और मतदाता सूची में अनियमितताओं को लेकर हैं।
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीमित सफलता पर सवाल
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पहला सवाल 2014 के आम चुनाव को लेकर किया। उन्होंने पूछा कि जब उस समय चुनाव आयोग के आयुक्तों की नियुक्ति कांग्रेस की यूपीए सरकार ने की थी, तो कांग्रेस केवल 44 सांसदों तक क्यों सीमित रह गई। यह सवाल कांग्रेस की चुनावी रणनीति और चुनाव आयोग के कामकाज पर एक बड़ा संदेह पैदा करता है।
👉 यह भी पढ़ें:
- फ्रांस से लौटते ही भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 घंटे रोका, AAP ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप
- विपक्ष पर बरसे रिजिजू, बोले- भारत बांग्लादेश नहीं, बड़े आए रिजीम चेंज करने वाले
- सुप्रीम कोर्ट ने ₹2000 से अधिक के यूपीआई पेमेंट पर चार्ज पर रोक लगाने से किया इनकार
- गुजरात में नाले का पानी बढ़ता तो पीएम पहुंच जाते, बिहार से भेदभाव पर तेजस्वी की टिप्पणी
- 24 घंटे में सिकल सेल जाँच, इंदौर के MGM अस्पताल को केंद्र की मदद
- बेरोजगारी पर प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला, 40 साल में उच्चतम दर
इसके अलावा, इस सवाल के माध्यम से रिजिजू ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी कांग्रेस के भरोसे को चुनौती दी है, जो राजनीतिक विवादों को और बढ़ा सकता है।

2024 की हैट्रिक हार और ज्ञानेश कुमार के सीईसी न होने का मुद्दा
दूसरा सवाल 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की लगातार तीसरी हार से जुड़ा है। किरेन रिजिजू ने सवाल किया कि जब 2024 के चुनाव समय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद पर नहीं थे, तो कांग्रेस को लगातार तीसरी बार हार का सामना क्यों करना पड़ा। यह सवाल कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन और रणनीति पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
वहीं, यह सवाल चुनाव आयोग की भूमिका और उसकी निष्पक्षता पर राजनीतिक बहस को और तीखा कर सकता है।
कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों से इस्तीफे और माफी की मांग
तीसरे सवाल में किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के उन मुख्यमंत्रियों से पूछा कि जो 2014 से 2026 के बीच चुनाव जीतकर राज्यों में सरकारें बना चुके हैं, क्या वे अपने पद से इस्तीफा देंगे और देश से माफी मांगेंगे। यह सवाल कांग्रेस के नेतृत्व और उसके शासनकाल की जवाबदेही पर केंद्रित है।
इस सवाल का उद्देश्य कांग्रेस पर दबाव बनाना है कि वह अपनी विफलताओं को स्वीकार करे और जनता के सामने जवाबदेही निभाए।

मतदाता सूची से अवैध नाम हटाने को लेकर कांग्रेस का रुख
चौथे सवाल में रिजिजू ने वोटर लिस्ट से मृत, स्थानांतरित, फर्जी या डुप्लीकेट और अवैध प्रवासियों के नाम हटाने को लेकर कांग्रेस का रुख पूछा। उन्होंने यह सवाल मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़ा है।
यह मुद्दा खासकर उन इलाकों में महत्वपूर्ण है जहां अवैध प्रवासियों की संख्या अधिक है और चुनाव परिणाम पर उनका प्रभाव पड़ सकता है।
ऐतिहासिक मतदाता सूची पुनरीक्षण की वैधता पर सवाल
पांचवे सवाल में किरेन रिजिजू ने पिछले मतदाता सूची पुनरीक्षणों (SIR) की वैधता पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि मौजूदा पुनरीक्षण गलत है, तो 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-88, 1993, 1995 और 2002-2004 के दौरान किए गए पुनरीक्षण भी अवैध माने जाएंगे।
यह सवाल चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं की निरंतरता और इतिहास को लेकर गंभीर विवाद खड़ा कर सकता है।
कांग्रेस पर ‘एक परिवार’ की पार्टी होने का आरोप
इसके अलावा, किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि यह एक परिवार की पार्टी है जो बाहरी ताकतों के साथ मिलकर भारत के संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
इस आरोप से राजनीतिक माहौल और भी तनावपूर्ण हो सकता है, खासकर आगामी चुनावों और राजनीतिक रैलियों के मद्देनजर।



