पेंच टाइगर रिजर्व के रिसार्ट में बाघ घुसा घटना ने स्थानीय मजदूरों में दहशत फैला दी। यह घटना मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित पेंच टाइगर रिजर्व के बफर ज़ोन के बाहर एक निजी रिसॉर्ट परिसर में हुई।
रिसोर्ट परिसर में अचानक बाघ की उपस्थिति से मचा हड़कंप
पेंच टाइगर रिजर्व के रिसोर्ट में बाघ घुसा तो आसपास काम कर रहे मजदूर और कर्मचारी दहशत में आ गए। जैसे ही बाघ ने रिसोर्ट के बरामदे में विश्राम करना शुरू किया, मजदूरों ने तुरंत अपने कमरों में छुपकर वन विभाग को सूचित किया।
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वन विभाग की गश्ती टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हाथियों और वाहन गश्त की सहायता से बाघ को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा। इस घटना में किसी को चोट नहीं आई।
पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में वन्यजीवों की आवागमन की समस्या
पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र और आसपास के निजी रिसॉर्ट्स व निर्माण स्थलों में वन्यजीवों का आना-जाना सामान्य होता जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बनता जा रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बाघ जैसे जानवर बफर ज़ोन के निकट मानव आवासों में आना-जानना इसलिए बढ़ा है क्योंकि उनके प्राकृतिक शिकार और आवास स्थलों में कमी आई है।
पेंच टाइगर रिजर्व में मानव-बाघ संघर्ष के पहले भी कई मामले
पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पिछले वर्षों में बाघों के हमलों के कई मामले सामने आ चुके हैं। अक्टूबर 2026 में ग्राम गुमतरा में एक 47 वर्षीय ग्रामीण की बाघ के हमले से मौत हुई थी।
इसी तरह, अप्रैल 2026 में शेरगढ़ढ़ा जलस्रोत के पास 30 वर्षीय दिनेश शेवतकर की भी बाघ के हमले से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था।

वन विभाग द्वारा सुरक्षा उपाय और सतर्कता की सलाह
पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने रिसॉर्ट संचालकों और स्थानीय लोगों को जंगल के निकट बफर ज़ोन में शाम और रात के समय अकेले न जाने की सख्त सलाह दी है।
वन विभाग ने यह भी कहा है कि किसी भी बाघ या अन्य वन्यजीव की उपस्थिति की सूचना तुरंत वन अमले को दें ताकि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।
बाघ की घुसपैठ से प्रभावित मजदूरों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
मजदूरों और कर्मचारी बाघ की उपस्थिति से काफी डरे हुए थे। उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाओं से उनके कामकाज और सुरक्षा पर असर पड़ता है।
स्थानीय लोग चाहते हैं कि वन विभाग और प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान करें ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष कम हो सके।
पेंच टाइगर रिजर्व के रिसोर्ट में बाघ घुसा घटना का अगला कदम
वन विभाग क्षेत्र में गश्त बढ़ाकर बाघ की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है। भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय समुदाय को भी जागरूक किया जा रहा है।
इसके साथ ही वन्यजीव संरक्षण के लिए रिसॉर्ट और निर्माण क्षेत्रों में वन्यजीव मार्गों का संरक्षण जरूरी बताया जा रहा है, ताकि बाघ और अन्य जानवर प्राकृतिक आवास में रह सकें।



