मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भोपाल विधानसभा भवन में 31 अक्टूबर 2026 को अपना नामांकन दाखिल किया। यह नामांकन मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव के लिए है, जिसमें हरदीप सिंह पुरी भाजपा के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं।
भोपाल में हरदीप सिंह पुरी का नामांकन और प्रमुख नेताओं की मौजूदगी
नामांकन के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल उपस्थित रहे। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। नामांकन प्रक्रिया भोपाल के विधानसभा भवन में संपन्न हुई।
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इसके पहले हरदीप सिंह पुरी ने अरेरा कॉलोनी के गुरुद्वारे में दर्शन किए और करुणाधाम आश्रम में पूजा-अर्चना की। उनके साथ प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी और विधायक भगवानदास सबनानी भी मौजूद थे।

मध्य प्रदेश राज्यसभा सीट रिक्त होने का कारण
यह राज्यसभा सीट पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के 13 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। डॉ. एल. मुरुगन ने इस्तीफा देकर तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने का निर्णय लिया था। उनका कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल 2030 तक था।
इस खाली हुई सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है, जिसमें भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
हरदीप सिंह पुरी का वर्तमान संसदीय कार्यकाल और नामांकन का महत्व
हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं, जिनका कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। भाजपा ने उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में उतारकर उनके संसदीय कार्यकाल को जारी रखने की रणनीति बनाई है।
पुरी भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी हैं और 2014 में राजनीति में आए। उन्होंने देश के 12 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है। उनके अनुभव और केंद्रीय मंत्री के पद के कारण भाजपा ने उन्हें मध्य प्रदेश की यह महत्वपूर्ण सीट सौंपी है।

चुनाव आयोग की समय-सारणी और आगामी प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव के लिए समय-सारणी जारी की है। अधिसूचना 26 अक्टूबर 2026 को जारी हुई। नामांकन की अंतिम तिथि 2 नवंबर है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 5 नवंबर और मतदान एवं मतगणना 12 नवंबर 2026 को निर्धारित है।
यदि मतदान आवश्यक हुआ तो सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष का विरोध
हरदीप सिंह पुरी के मध्य प्रदेश से नामांकन को कांग्रेस ने गंभीरता से विरोध किया है। कांग्रेस का आरोप है कि पुरी का नाम एपस्टीन फाइल्स प्रकरण में सामने आया है, इसलिए उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाना गलत है।
कांग्रेस ने राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन और नेताओं की नजरबंदी भी कराई है, ताकि नामांकन प्रक्रिया प्रभावित न हो। वहीं भाजपा ने इस विरोध को राजनीतिक रणनीति बताया है और हरदीप सिंह पुरी के चयन को पार्टी की मजबूती का प्रतीक माना है।
आम जनता पर राज्यसभा उपचुनाव का प्रभाव
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव का परिणाम राज्य की राजनीति तथा केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगा। हरदीप सिंह पुरी जैसे अनुभवी नेता के चयन से भाजपा की राजनीतिक स्थिति मजबूत होगी।
इसके अलावा, यह चुनाव प्रदेश के विकास और संसदीय प्रतिनिधित्व में सुधार के लिए भी अहम माना जाता है। आम जनता को उम्मीद है कि नए सांसद की नियुक्ति से उनकी समस्याओं का समाधान बेहतर होगा।



