राहुल गांधी बालाघाट के जगला गांव पहुंचे, मृत आदिवासी बच्चों के परिवार से मिले। इस दौरान उन्होंने आदिवासी बच्चों की मौत के पीछे के कारणों पर चर्चा की और प्रभावित परिवारों को सांत्वना दी।
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा और जगला गांव में मुलाकात
1 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी बालाघाट जिले के जगला गांव पहुंचे, जहां उन्होंने बैगा आदिवासी बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान वे करीब 45 मिनट गांव में रुके और स्थानीय लोगों से संवाद किया। उनके साथ मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद थे।
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आदिवासी बच्चों की मौत के कारणों पर राहुल गांधी की चिंता
राहुल गांधी ने बच्चों की मौत के मुख्य कारणों में कुपोषण, मलेरिया, खसरा, संक्रमण, दूषित पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर उपेक्षा को दर्शाती है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के दर्द को समझा और सरकार से बेहतर इंतजामों की मांग की।
बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के आंकड़े और स्थिति
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, जून से सितंबर के बीच बालाघाट जिले में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। इनमें से पिछले महीने 26 मौतें दर्ज की गईं। यह संख्या स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और खराब जीवन परिस्थितियों की ओर इशारा करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण और संक्रामक रोगों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
राजनीतिक संदर्भ और पूर्व घटनाक्रम
इससे पहले 17 सितंबर 2026 को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उजागर किया था और मध्य प्रदेश भाजपा सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया था। राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय जांच दल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। हालांकि समस्या का स्थायी समाधान अभी बाकी है।
स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
जगला गांव में राहुल गांधी ने स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत नहीं हैं, जिससे बच्चों की जान जोखिम में पड़ती है। बेहतर पोषण और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्यवाही की मांग की।
आम जनता और आदिवासी समुदाय पर इस घटना का असर
आदिवासी बच्चों की मौत ने स्थानीय समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता और सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। आम जनता उम्मीद करती है कि राहुल गांधी के इस दौरे से सरकार को समस्या की गंभीरता का आभास होगा और बेहतर कदम उठाए जाएंगे।




