प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर (केवडिया) में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर विपक्ष पर कड़ा तंज कसा। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष अब सिर्फ विरोध करने वाला पक्ष नहीं रह गया है, बल्कि देश के विकास में बाधा डालने वाला अवरोध पक्ष बन चुका है। यह टिप्पणी उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के कार्यक्रम में की।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर विपक्ष पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि विपक्ष की भूमिका अब केवल सरकार की नीतियों का विरोध करने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कहा, “यह विरोध नहीं है, यह अवरोध है।” मोदी ने विपक्ष पर देश के विकास कार्यों में बाधा डालने और भारत विरोधी ताकतों का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हताशा और निराशा के कारण विपक्ष ने विरोध की भावना छोड़कर अवरोध की राजनीति अपनाई है।
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सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर विशेष आयोजन
इस कार्यक्रम का आयोजन भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में किया गया। मोदी ने इस अवसर पर सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि पटेल ने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया। इसके साथ ही उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा संविधान की स्थापना की महत्ता भी बताई।
₹400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने एकता नगर में कुल 31 विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की लागत ₹400 करोड़ से अधिक है। यह कदम क्षेत्रीय विकास को गति देने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास है।

राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में सशस्त्र बलों की भागीदारी
इस अवसर पर ‘राष्ट्रीय एकता दिवस परेड’ का आयोजन भी किया गया। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के साथ राज्य पुलिस बलों ने हिस्सा लिया। इस परेड का मुख्य आकर्षण देश में सशस्त्र नक्सलवाद के समाप्ति के ऐतिहासिक कदम को प्रदर्शित करना था। लगभग 4,700 कलाकारों और नक्सल प्रभावित जिलों से आए 2,000 कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को भव्य बनाया।
विपक्ष की भूमिका और देश की एकता पर असर
प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक दलों के बीच विरोध-प्रतिक्रिया बढ़ने की संभावना है। मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे देश की प्रगति में बाधक साबित हो रहे हैं। वहीं, विपक्ष ने भी अपनी भूमिका को लोकतंत्र का हिस्सा बताते हुए इसे राजनीति का हिस्सा बताया है। इस विवाद का असर आम जनता पर भी पड़ेगा क्योंकि देश की विकास योजनाओं में अवरोध सीधे गरीब और मध्य वर्ग के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस के इस मंच से प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को चेतावनी दी है कि अवरोध की राजनीति से देश पीछे नहीं हटेगा।



