नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर संबोधित किया। इस बार उनके भाषण पर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का असर दिखा। अपने संबोधन में पीएम ने देश के युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। करीब 76 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में रहे।
बताया जाता है कि पीएम मोदी ने अपने 76 मिनट के भाषण में 52 बार ‘युवा’ और ‘नौजवान’ जैसे शब्दों का उपयोग किया। उन्होंने अपने संबोधन में ‘युवा’ (20 बार), ‘नौजवानों’ (22 बार) और ‘साथियों’ (10 बार) शब्दों का प्रयोग कर देश की युवा शक्ति को मजबूत संदेश दिया।
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जेन जी की शिक्षा और ट्रेनिंग की बात
प्रधानमंत्री के भाषण में जेन जी की शिक्षा, तकनीकी कौशल, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े मुद्दों को विशेष जगह मिली। एआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच सरकार ने अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
एक करोड़ युवाओं को एआई ट्रेनिंग
लाल किले से प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला दौर एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर जैसी नई तकनीकों का है। ऐसे में भारत के युवाओं को इन तकनीकों में सक्षम बनाना जरूरी है। इसी दिशा में सरकार अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग देने की योजना पर काम करेगी। प्रधानमंत्री ने इसे भारत के युवाओं को एआई युग में नेतृत्व करने के लिए तैयार करने से जोड़ा।
युवाओं पर फेंका कोचिंग का पासा
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगने वाले भारी-भरकम कोचिंग खर्च का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोचिंग का खर्च गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ डालता है। इसी समस्या को देखते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की। सरकार डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और देश के प्रतिभाशाली शिक्षकों को जोड़कर युवाओं के लिए एक व्यापक ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की बात कर रही है। इस ऐलान का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ सकता है जो महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस वहन नहीं कर सकते। खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और शिक्षकों तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।
युवाओं के सपनों के लिए एक लाख करोड़
पीएम मोदी ने युवाओं से अपने सपनों के साथ आगे आने की अपील करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी कि संसाधनों की कमी उनके रास्ते में बाधा न बने। इसके साथ ही युवाओं के विचार, इनोवेशन और क्षमताओं को समर्थन देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के तंत्र की घोषणा भी भाषण के प्रमुख बिंदुओं में रही। इसका व्यापक उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला वर्ग बनाने के बजाय उन्हें उद्यमी, इनोवेटर और रोजगार पैदा करने वाला बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।
खेलों में भी युवा प्रतिभाओं की तलाश
पीएम ने खेलों को भी नई पीढ़ी के भविष्य से जोड़ा। सरकार ने कम उम्र से ही प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभा खोज अभियान की बात कही। इसमें 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों की प्रतिभा पहचानने पर विशेष जोर बताया गया है। प्रधानमंत्री ने 2036 के ओलंपिक की तैयारियों और भारत में खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में भी जोर दिया। इससे खेलों को करियर के विकल्प के रूप में देखने वाले युवाओं के लिए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
टेक्नोलॉजी से लेकर रोजगार तक बड़ा विजन
जेन जी के लिए प्रधानमंत्री का संदेश केवल AI ट्रेनिंग और कोचिंग तक सीमित नहीं रहा। भाषण में 6G, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, स्पेस टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भारत की भूमिका बढ़ाने की बात भी सामने आई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अगली पीढ़ी की तकनीकों में नेतृत्व करना होगा। उन्होंने ‘मेड इन इंडिया’ और डिजिटल क्षमताओं को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए युवाओं को इस बदलाव का प्रमुख भागीदार बताया।
छात्र आंदोलन का साफ दिखा असर
इस बार युवाओं पर प्रधानमंत्री का विशेष जोर ऐसे समय में आया है जब हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र असंतोष और विरोध प्रदर्शन भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे माहौल में मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और एआई ट्रेनिंग जैसे ऐलान को युवाओं तक सीधे पहुंच बनाने की महत्वपूर्ण कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
जेन जी को ‘विकसित भारत’ की जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री के भाषण का बड़ा संदेश यह रहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में युवा शक्ति को केंद्र में रखना होगा। एआई और दूसरी उभरती तकनीकों से लेकर शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, खेल और रोजगार तक, भाषण में युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की कई दिशाएं सामने रखी गईं। एक करोड़ युवाओं को एआई ट्रेनिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग इस भाषण के सबसे सीधे युवा-केंद्रित ऐलान रहे।
12 साल में पहली बार युवाओं पर फोकस
पीएम ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं करते हुए कुछ ऐसी बड़ी बातें भी कही हैं, जो उन्होंने अपने 12 साल के लगातार कार्यकाल के दौरान लाल किले के प्राचीर से नहीं कही गई थीं। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को एआई स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। इसके साथ ही उन्होंने जेन जी और जेन अल्फा को ऑनलाइन फ्री कोचिंग का ऐलान कर बड़ा तोहफा भी दिया।
दिमागी नक्सल और हथियारी नक्सल में फर्क
पीएम मोदी ने कहा कि हमने नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था। आज नक्सल क्षेत्र में नक्सल मुक्त होने के कारण विकास का तिरंगा लहरा रहा है। हमें सावधान रहने की जरूरत है। हथियारबंद नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। इन दिमागी नक्सलों को पहचानना होगा।



