भोपाल। नीट पेपर लीक का मामला पूरे देश में छाया हुआ है। संसद में गतिरोध जारी है और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी हो चुका है। इस बीच केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय की कसावट में जुटी हुई है। केंद्र ने एमपी कैडर की आईएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी पर भरोसा जताते हुए उन्हें उच्च शिक्षा सचिव बना दिया है।
पहले गंगवार हुए थे नामित
केंद्र सरकार द्वारा किए गए उच्च स्तरीय प्रशासनिक फेरबदल के तहत सीनियर ब्यूरोक्रेट दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। वह विनीत जोशी का स्थान लेंगी, जिन्हें पिछले महीने पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया था। उल्लेखनीय है कि जोशी के स्थान पर पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव के रूप में नामित किया गया था। कार्मिक मंत्रालय ने सोमवार देर रात घोषणा कर दी कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने अपने 23 जुलाई के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
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केंद्र में पहले भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार में पहले भी कई बड़ी जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं। वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ रह चुकी हैं। इस दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उनके प्रमुख कामों में शामिल रही। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के तौर पर भी काम किया है।
संकट के समय मिली बड़ी भूमिका
केंद्र सरकार इन दिनों नीट पेपर लीक मामले पर पूरी तरह उलझी हुई है। पिछले दिनों जंतर-मंतर पर चले आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी हुआ था। ऐसे में सरकार अब शिक्षा मंत्रालय में पूरी तरह कसावट कर रही है। इसी के तहत दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा सचिव बनाया है। केंद्र के सामने उच्च शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दे हैं। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के साथ विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से जुड़े नीतिगत फैसले, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बनाए रखना बड़ी चुनौतियां हैं।
एमपी में निभाई अहम जिम्मेदारी
3 फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मीं दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने अर्थशास्त्र और पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई की है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी की डिग्री हासिल की। मध्य प्रदेश में उन्होंने कार्मिक, सामान्य प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में काम किया। इन पदों पर रहते हुए प्रशासनिक व्यवस्था और शासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम उनकी जिम्मेदारी में रहे।



