मध्य प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे भोपाल से दिल्ली-आगरा के बीच बेहतर और तेज कनेक्टिविटी स्थापित होगी। यह एक्सप्रेसवे नेटवर्क न केवल यात्रा समय कम करेगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भोपाल-ग्वालियर-आगरा कॉरिडोर से दूरी और समय में कटौती
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा प्रस्तावित भोपाल-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण से दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 425 किलोमीटर से घटकर 320-350 किलोमीटर रह जाएगी। इससे यात्रा का समय 7 घंटे से घटकर 4 से 5 घंटे तक सीमित हो जाएगा। इसके अलावा, ग्वालियर से आगरा तक छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने से यह मार्ग और भी सुविधाजनक होगा।
👉 यह भी पढ़ें:
- MP Weather Update: 27 से 29 सितंबर तक मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट
- मंडला में गणेश पंडाल में करंट लगने से 4 युवकों की मौत, कई घायल
- महू-खंडवा रेल ट्रैक पर 1.34 लाख पेड़ काटने का काम अक्टूबर से शुरू
- मध्य प्रदेश में 7 शहरों में 351 बसों की सुगम परिवहन सेवा शुरू, CM मोहन यादव और नितिन गडकरी ने हरी झंडी दिखाई
- इंदौर हाईकोर्ट ने लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर सख्त कार्रवाई का आदेश
- मध्य प्रदेश के 70 हजार शिक्षकों की सैलरी बढ़ोतरी के रास्ते खुले, हाईकोर्ट ने 4 हफ्ते दिए

भोपाल से दिल्ली का सफर अब होगा आसान और तेज
नए हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद भोपाल से दिल्ली का सफर 7 से 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में यह दूरी सड़क मार्ग से 11 से 12 घंटे लगते हैं। इस परियोजना के कारण यात्रियों को लगभग 4 घंटे की बचत होगी, जो आर्थिक और समय दोनों दृष्टिकोण से लाभकारी है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लेन संख्या और मार्ग
भोपाल से ग्वालियर तक चार लेन वाला एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसके बाद ग्वालियर से आगरा तक छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित किया जाएगा। यह मार्ग मध्य प्रदेश के कई प्रमुख शहरों जैसे भोपाल, ब्यावरा, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना को जोड़ने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के धौलपुर, आगरा, मथुरा से होकर दिल्ली-NCR तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

भोपाल-आगरा के लिए बुंदेलखंड क्षेत्र में नया ग्रीनफील्ड हाईवे
भोपाल-आगरा मार्ग के लिए एक और विकल्प बुंदेलखंड क्षेत्र से गुजरने वाला लगभग 530 किलोमीटर लंबा फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। इसकी अनुमानित लागत 15,000 करोड़ रुपये है। यह हाईवे भोपाल से विदिशा, सागर, छतरपुर, महोबा और हमीरपुर होते हुए आगरा तक जाएगा। इससे भोपाल-आगरा का सफर 7-8 घंटे में पूरा हो सकेगा।
परियोजना की समय-सीमा और कार्य प्रारंभ
इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए प्राथमिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। निर्माण कार्य वर्ष 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है। भोपाल-ग्वालियर कॉरिडोर को वर्ष 2029-2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पूर्वानुमानित समय पर तेज़ और सुरक्षित सड़क मार्ग का लाभ आम जनता को मिलेगा।
मध्य प्रदेश के विकास में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का योगदान
मध्य प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार राज्य के आर्थिक विकास और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और आवागमन में वृद्धि होगी। इसके अलावा, यह प्रोजेक्ट सड़क सुरक्षा को भी बेहतर बनाएगा और ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करेगा। आम आदमी के लिए यह सुविधा यात्रा को अधिक आरामदायक और समय की बचत वाला बनाएगी।



