इंदौर का युवक चोरल नदी में डूबा, बड़वाह में गणपति विसर्जन के दौरान मौत की दुखद घटना ने इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। शुक्रवार 25 सितंबर 2026 को दोपहर के समय यह हादसा मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह ब्लॉक के बलवाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम कुंडिया के पास चोरल नदी में हुआ।
गणपति विसर्जन के दौरान ऋतिक नदी में डूबा
मृतक ऋतिक, जो इंदौर के खजराना क्षेत्र का निवासी था, गणपति उत्सव के दौरान परिवार और अन्य 35-40 लोगों के साथ बड़वाह में विसर्जन के लिए गया था। सभी लोग नदी किनारे बप्पा की आरती और विसर्जन की तैयारियों में व्यस्त थे। इसी दौरान ऋतिक नहाने के लिए चोरल नदी में उतरा।
नदी में गहरे पानी और तेज बहाव के कारण वह डूब गया। साथ आए लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण बचाव संभव नहीं हो पाया।
ऋतिक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
ऋतिक 14 वर्ष का किशोर था और मूल रूप से थावर टांडा का रहने वाला था। उसके पिता चतरू पेशे से राजमिस्त्री हैं। ऋतिक अपने माता-पिता के तीन बच्चों में सबसे बड़ा था। उसका एक छोटा भाई और एक छोटी बहन है। परिवार कुछ समय पहले इंदौर में आकर बस गया था।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को नदी से निकालकर बड़वाह के शासकीय अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
गणपति विसर्जन के दौरान सुरक्षा की जरूरत
यह हादसा गणपति विसर्जन के दौरान सुरक्षा के महत्व को उजागर करता है। इस तरह के आयोजन में नदी या जल स्रोतों के पास सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस को चाहिए कि वे ऐसे आयोजनों में तटबंधों पर सतर्कता बढ़ाएं और लोगों को सुरक्षित विसर्जन के निर्देश दें।
आम लोगों पर हादसे का असर और आगे की संभावनाएं
ऋतिक की मौत से परिवार और समुदाय में गहरा दुःख है। इस घटना ने सभी को नदी के खतरों के प्रति सचेत किया है। आम लोग अब न केवल उत्सवों में बल्कि सामान्य दिनों में भी जल संसाधनों के पास सुरक्षा का विशेष ध्यान रखेंगे।
इसके अलावा, यह घटना प्रशासन को भी जागरूक करेगी कि वे आगामी त्योहारों पर सुरक्षा प्रबंध और बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।



