Puri Jagannath Temple में महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के नवयौवन दर्शन के दौरान भारी भीड़ उमड़ने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के कारण धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई भक्त घायल हो गए। पुलिस और प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
महाप्रभु ने अनसर (Anasara) की पारंपरिक अवधि पूरी करने और स्वस्थ होने की धार्मिक मान्यता के बाद मंगलवार को भक्तों को नवयौवन दर्शन दिए। यह वह विशेष अवसर होता है जब स्नान पूर्णिमा के बाद पहली बार भगवान नए दिव्य स्वरूप में श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। इसी वजह से देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे।
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हालांकि, निर्धारित समय की तुलना में करीब तीन घंटे की देरी से दर्शन शुरू होने के कारण हजारों श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। प्रशासन ने पहले शाम करीब 5 बजे टिकटधारकों के लिए दर्शन की व्यवस्था की। इसके लगभग आधे घंटे बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोले गए। दर्शन का क्रम शाम तक जारी रहा।

दर्शन शुरू होते ही श्रीमंदिर परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालु एक साथ सिंहद्वार बैरिकेड की ओर बढ़ने लगे। रथों के पास पहले से मौजूद भीड़ के अचानक आगे बढ़ने से धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और कई श्रद्धालु घायल हो गए। मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया और हालात पर काबू पाया।
दिनभर रुक-रुककर बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। प्रशासन के अनुसार, सिर्फ दो घंटे के भीतर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के नवयौवन दर्शन किए। हालांकि निर्धारित समय समाप्त होने के बाद दर्शन बंद कर दिए गए, जिसके चलते बड़ी संख्या में भक्तों को बिना दर्शन किए ही निराश होकर लौटना पड़ा।
गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों से महाप्रभु की विशेष अनसर नीतियां चल रही थीं। इनके पूर्ण होने के बाद नवयौवन वेश में भगवान के दर्शन का यह दुर्लभ अवसर मिलता है, जिसे देखने के लिए हर वर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। इसके बाद भगवान की विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी धार्मिक परंपराएं आगे बढ़ती हैं।



