इंदौर। शहर में फिर से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं। ताजा मामला कनाड़िया थाना क्षेत्र की डायमंड कॉलोनी का है। यहां जमीन पर कब्जे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को भूमाफियओं के गुंडों बुरी तरह पीट डाला। इसके बाद भी न तो कोई एफआईआर हुई और नही पीटे हुए पुलिस वालों ने मुंह खोला।
इंदौर की डायमंड कॉलोनी में बेशकीमती जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने रविवार को नया मोड़ ले लिया। विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंचे कनाड़िया थाने के दो पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों से मारपीट की बात से इनकार किया है।
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जमीन कब्जे को लेकर चल रहा विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला डायमंड कॉलोनी का है, जहां मोहसीन खान की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। रविवार को मोहसीन अपने साथ कुछ लोगों को लेकर जमीन से कब्जा हटवाने पहुंचा था। इस दौरान झोपड़ियां और शेड हटाए जाने लगे, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया।
दो पुलिसकर्मियों को बुरी तरह पीटा
सूत्र बताते हैं कि झगड़े की सूचना मिलने के बाद कनाड़िया थाने से सिपाही आशीष शर्मा और विजय सिकरवार मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान एक पक्ष के कुछ गुंडों ने दोनों पुलिसकर्मियों को बुरी तरह पीटा। एक को 16 टांके आए हैं, जबकि दूसरे को 7 टांके आए हैं। इसके बाद भी इन पुलिसकर्मियों ने मुंह नहीं खोला और नही मीडिया के सामने आए।
टीआई से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक चुप
बताया जाता है कि घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को देने के बाद कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव भी मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। हालांकि टीआई ऐसी किसी घटना से इनकार कर रहे हैं। पुलिस इसे दो पक्षों के बीच विवाद बता रही है। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने भी कहा कि अगर कुछ पता चला तो जानकारी दी जाएगी।
जेल रिटर्न भूमाफिया का कारनामा
सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार जेल जा चुका इंदौर का कुख्यात भूमाफिया और पुराने बड़े भूमाफिया के पुत्र ने यह कारनाम करवाया है। इन दोनों ने जमीन पर कब्जे के लिए उज्जैन के किसी बड़े पॉलिटिकल कनेक्शन वाले व्यक्ति को सुपारी दी थी।
उज्जैन कनेक्शन के कारण सबके मुंह पर ताला
सूत्र बताते हैं कि इस मामले में उज्जैन कनेक्शन के कारण पुलिस के सारे अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। यही वजह है कि इस हमले में घायल पुलिसवालों को भी सामने नहीं आने दिया जा रहा और न ही किसी की तरफ से कोई एफआईआर दर्ज हुई है।
यशवंत और विशाल का आ रहा नाम
सूत्र बताते हैं कि इस पूरे मामले में इंदौर के यशवंत और विशाल के नाम आ रहे हैं, जो पिछले कुछ समय से ऐसे कामों की सुपारी लेते हैं। जमीन के कई मामलों में इनके नाम आए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उज्जैन के नाम पर कोई बदनाम तो नहीं कर रहा?
इस मामले में पुलिस-प्रशासन को इस बात की जांच करना चाहिए कि उज्जैन के नाम लेकर कोई बदनाम तो नहीं कर रहा। इंदौर के जेल रिटर्न से लेकर सारे भूमाफिया इन दिनों बात-बात पर उज्जैन कनेक्शन का हवाला देते हैं। इसकी ठीक से पड़ताल कर ऐसा सारे भूमाफियाओं पर कार्रवाई करनी चाहिए।



