अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला सैन्य हमला फिलहाल रोक दिया है। ट्रंप के मुताबिक, खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं की अपील के बाद यह फैसला लिया गया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि तमीम बिन हमद अल थानी, मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और मोहम्मद बिन ज़ायद अल नहयान ने उनसे ईरान पर हमला रोकने की अपील की थी, क्योंकि इस समय गंभीर बातचीत जारी है।
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ट्रंप ने कहा,
“इन नेताओं का मानना है कि ऐसा समझौता संभव है जो अमेरिका, मध्य पूर्व और दुनिया के अन्य देशों के लिए स्वीकार्य होगा। सबसे अहम बात यह होगी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।”
उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ के चेयरमैन डैनियल केन और सेना को फिलहाल हमला रोकने का आदेश दिया है। हालांकि ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर कोई स्वीकार्य समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर “बड़े पैमाने” पर हमला किया जाएगा।
इस बीच अमेरिका में भी युद्ध को लेकर ट्रंप सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। एक हालिया सर्वे के मुताबिक करीब 64 प्रतिशत मतदाता मानते हैं कि ईरान के साथ युद्ध में जाना गलत फैसला होगा। इससे आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
उधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर मोहसिन रेजाई ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा,
“ये खुद ही हमले की तारीख तय करते हैं और फिर खुद ही उसे रद्द कर देते हैं। उन्हें उम्मीद है कि ईरानी जनता और अधिकारी हार मान लेंगे, लेकिन ईरान की ताकत और जनता का हौसला उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर देगा।”
फिलहाल हमले को टाल दिया गया है, लेकिन ट्रंप की चेतावनी ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है।



