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घमंड के शिखर पर पहुँचे शासकों का अंत तय होता है — ट्रंप पर आयतुल्लाह खामेनेई का तीखा हमला
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए उनकी तुलना इतिहास के तानाशाह और घमंडी शासकों से की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कई पोस्ट साझा कर ट्रंप की नीतियों और बयानों पर निशाना साधा।
खामेनेई ने कहा कि जो शासक पूरी दुनिया के बारे में घमंड के साथ फ़ैसले करते हैं, उन्हें इतिहास से सबक लेना चाहिए। उन्होंने फिरौन, निमरूद, मोहम्मद रज़ा पहलवी जैसे शासकों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उनका अहंकार चरम पर पहुँचा, तब उनका पतन हुआ — और यही हश्र ट्रंप का भी होगा।
उन्होंने दावा किया कि आज ईरान, इस्लामिक क्रांति से पहले की तुलना में कहीं अधिक सशक्त और हथियारों से लैस है। खामेनेई के अनुसार, ईरान की आध्यात्मिक शक्ति और सैन्य क्षमताओं की तुलना अतीत से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पहले की तरह आज भी अमेरिका ईरान को समझने में गलती कर रहा है।
ईरान की दृढ़ता पर ज़ोर देते हुए खामेनेई ने कहा कि जिस राष्ट्र का निर्माण लाखों सम्मानित लोगों के बलिदान से हुआ हो, वह विनाश फैलाने वालों के सामने कभी पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने हालिया 12-दिवसीय युद्ध का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें ईरान के एक हजार से अधिक नागरिक शहीद हुए। खामेनेई के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वयं यह स्वीकार किया कि यह उनके आदेश पर हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ईरानी नागरिकों का खून उनके हाथों पर है। इसके बावजूद अब ट्रंप ईरानी राष्ट्र के समर्थन की बात कर रहे हैं।
खामेनेई ने वेनेज़ुएला के संदर्भ में भी ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने लैटिन अमेरिका के एक देश को घेर कर उस पर कार्रवाई की और खुलेआम स्वीकार किया कि यह सब तेल के लिए किया गया — और उन्हें इस पर कोई शर्म तक नहीं है।



