भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में तीसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। कांग्रेस के कुछ विधायक जहां चाय की केतली लेकर पहुंचे, वहीं एक विधाक ने गले में शराब की बोतलों की माला पहनकर प्रदर्शन किया। एक अन्य विधायक तो मंह को कागज से बंद कर धरने पर बैठ गए।
मंगलवार को प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया था। बुधवार को इस पर चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन जारी रहा। कांग्रेस विधायकों ने हाथ में चाय की केतली और गिलास लेकर विरोध किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी केतली लेकर पहुंचे। सिंघार ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे रही है। प्रदेश में युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तो क्या करेगा पेट पालने के लिए? क्या मोदी जी की चाय बेचेंगे? सरकार ने दो लाख नौकरियों का वादा किया था, उसका क्या हुआ। ऐसे में युवाओं को चाय ही बेचनी पड़ेगी।
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इधर, बाप पार्टी से विधायक कमलेश्वर डोडियार मौन धारण की मुद्रा में दिखाई दिए। कमलेश्वर डोडियार कागज से मुंह को बंद कर मौन धारण कर बैठ गए थे। डोडियार का कहना है कि उन्हें विधानसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। कांग्रेस विधायक महेश परमार गले में शराब की बोतलों की माला पहनकर विधानसभा पहुंचे। महेश परमार ने कहा कि प्रदेश में शराब के घोटाले चल रहे हैं। हर जिले में करोड़ों के शराब घोटाले हो रहे हैं, लेकिन सरकार सो रही है। परमार ने कहा कि वित्त मंत्री बजट पेश कर रहे हैं। दूसरी तरफ राजस्व की चोरी करके शराब घोटाला हो रहा है।
अमित शाम के बयान पर भी हुआ हंगामा
विधानसभा में प्रश्न काल खत्म होने के बाद कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कल राज्यसभा में दिए गए बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि अमित शाह माफी मांगें। उन्होंने अंबेडकर का अपमान किया है। इसका सत्ता पक्ष ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में शोर शराबा होने लगा। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने काफी देर तक समझाने की कोशिश की। नारेबाजी नहीं रुकी तो विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। 10 मिनट बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो व्यक्ति इस सदन का सदस्य नहीं है। उसके बारे में किसी तरह का आरोप लगाना ठीक नहीं है।



