माजलगांव में एसटी बस से कार टकराई, जिसमें पांच श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 18 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 11:00 बजे महाराष्ट्र के बीड जिले के माजलगांव तहसील के खामगांव-पंढरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिंदेवाड़ी फाटा के पास हुई।
माजलगांव में एसटी बस से कार टकराई, हादसे में 5 श्रद्धालुओं की मौत
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की एसटी बस और एक हुंडाई कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हुई। कार में सवार सभी पांच श्रद्धालु मौके पर ही मृत पाए गए। वे माजलगांव के निवासी थे और धाराशिव जिले के तुलजापुर देवी दर्शन के लिए जा रहे थे।
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मृतकों में ओंकार महादेव गिरी (24), गजानन महादेव नामदास (38), समर्थ नामदास (11), सोमनाथ बड़े (23) और अनिल आचार्य (40) शामिल हैं।

दुर्घटना का कारण: गड्ढों से बचने की कोशिश में अनियंत्रित कार
पुलिस और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दुर्घटना का कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौजूद गड्ढों से बचने के प्रयास में कार का नियंत्रण खो देना था। गड्ढों से बचते हुए कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रही एसटी बस से टकरा गई।
यह सड़क काफी खराब स्थिति में है, जहां कई जगह गड्ढे और दरारें हैं। इससे पहले भी इस मार्ग पर दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोग नाराज हैं।
स्थानीय लोगों का गुस्सा और विरोध प्रदर्शन
इस दर्दनाक हादसे के बाद माजलगांव के निवासी सड़क की खराब स्थिति को जिम्मेदार मानते हुए आक्रोशित हो गए। उन्होंने राजमार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया और सड़क निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की मरम्मत और सुधार समय पर हो जाता तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। वे अधिकारियों से जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की अपील कर रहे हैं।

मृतकों के परिवारों पर गहरा सदमा
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी श्रद्धालु परिवार के सदस्य थे। उनके परिजन और स्थानीय समाज में गहरा शोक व्याप्त है। इस धार्मिक यात्रा के दौरान हुई यह दुर्घटना परिवारों के लिए बड़ा सदमा साबित हुई है।
गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति का इलाज नजदीकी अस्पताल में किया जा रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब स्थिति का व्यापक प्रभाव
माजलगांव में एसटी बस से कार टकराई घटना ने राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब स्थिति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क पर गड्ढों और टूट-फूट के कारण यातायात बाधित होता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
ऐसे हालात में यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। आम जनता को भी यातायात में देरी और असुविधा का सामना करना पड़ता है। इससे क्षेत्रीय विकास और पर्यटन भी प्रभावित होता है।
आगे की कार्रवाई और संभावित सुधार
पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियों को भी इस सड़क की मरम्मत के लिए निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय विरोध के कारण जल्द ही सड़क की मरम्मत कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इससे भविष्य में इस प्रकार के हादसों को रोकने में मदद मिलेगी।



