अहमदाबाद। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक मंगलवार से गुजरात के अहमदाबाद में शुरू हुई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हम दलित मुस्लिम और ब्राह्मण में उलझे रहे और ओबीसी साथ छोड़कर चला गया। उन्होंने ये भी कहा कि हम मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों की बात करते हैं, इसलिए कई बार हमारी आलोचना भी होती है, डरना नहीं है इससे, मुद्दे उठाए जाने चाहिए।
उल्लेखनीय है कि गुजरात में अंतिम कांग्रेस अधिवेशन 1961 में भावनगर में आयोजित किया गया था और वो स्वतंत्रता के बाद राज्य में इस तरह का पहला आयोजन था। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की विचारधारा आरएसएस के विचारों के विपरीत है। यह हास्यास्पद है कि आज वह संगठन, जिसका स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं है, उनकी विरासत का दावा कर रहा है। खड़गे ने आरोप लगाया कि आज भाजपा और संघ परिवार के लोग गांधी से जुड़ी संस्थाओं पर कब्जा कर रहे हैं और उन्हें उनके वैचारिक विरोधियों को सौंप रहे हैं। उन्होंने वाराणसी में सर्व सेवा संघ पर भी कब्जा कर लिया है। आप सभी जानते हैं कि गुजरात विद्यापीठ में क्या हुआ।खड़गे ने आरोप लगाया कि गांधीवादी और सहकारी आंदोलन के लोगों को हाशिए पर रखा जा रहा है। ऐसी सोच रखने वाले लोग गांधीजी का चश्मा चुरा सकते हैं और छड़ी मार सकते हैं। उन्होंने भाजपा–संघ पर हमला करते हुए कहा कि उनके पास स्वतंत्रता संग्राम में अपने योगदान के रूप में दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह दिखाने की साजिश की कि सरदार पटेल और पंडित नेहरू के बीच ऐसा रिश्ता था कि दोनों नायक एक–दूसरे के खिलाफ थे। सच्चाई यह है कि वे एक ही सिक्के के दो पहलू थे।
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64 साल बाद गुजरात में हो रहा है अधिवेशन
गुजरात में 64 साल बाद पार्टी यह कार्यक्रम कर रही है। इससे पहले 1961 में भावनगर में अधिवेशन हुआ था। यह आजादी के बाद गुजरात में कांग्रेस का पहला कार्यक्रम था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी सुबह करीब 10.30 बजे अहमदाबाद पहुंचें। प्रियंका गांधी आज अहमदाबाद नहीं पहुंची हैं।
साबरमती रिवरफ्रंट पर मुख्य अधिवेशन आज
9 अप्रैल को मुख्य अधिवेशन होगा, जिसमें देशभर से 1700 से अधिक कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह कार्यक्रम साबरमती रिवर फ्रंट पर होगा। इस अधिवेशन की थीम है, न्यायपथ: संकल्प, समर्पण, और संघर्ष। पार्टी के मुताबिक यह अधिवेशन गुजरात में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रोडमैप तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इस साल महात्मा गांधी के बतौर कांग्रेस अध्यक्ष 100 साल पूरे हो रहे हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती भी है। दोनों ही महान विभूतियां गुजरात में पैदा हुई थीं, इसलिए कांग्रेस पार्टी ये अधिवेशन गुजरात में कर रही है।



