गाजा में सैन्य अभियान पर नेतन्याहू का बयान: “हमास को हराना ही एकमात्र विकल्प”
इजराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने गाजा में सैन्य अभियान तेज करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य गाजा पर कब्ज़ा करना नहीं, बल्कि उसे हमास से आज़ाद कराना है।
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नेतन्याहू ने कहा,गाजा में अब भी हमास के हज़ारों हथियारबंद आतंकी मौजूद हैं, जिनका मकसद इजराइल को तबाह करना है। गाजा के लोग हमास से छुटकारा पाने के लिए हमसे और दुनिया से गुहार लगा रहे हैं। हमास एक लोगों को मारने वाला संगठन है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जंग तभी ख़त्म होगी जब हमास बंधकों को रिहा करेगा और हथियार डालेगा।
नेतन्याहू की पांच सूत्री योजना
- हमास का निरस्त्रीकरण
- सभी बंधकों की रिहाई
- गाजा का विसैन्यीकरण
- गाजा पट्टी की सुरक्षा पर इसराइल का नियंत्रण
- गाजा में नया नागरिक प्रशासन – जिसमें न तो हमास और न ही फिलीस्तीनी अथॉरिटी के लोग हों
विरोध और आलोचना
गाजा में प्रस्तावित हमलों के खिलाफ इसजराइल में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी ने भी इस योजना का विरोध किया है। बंधकों और मारे गए लोगों के परिजनों का कहना है कि इन हमलों से बंधकों और सैनिकों की जान को खतरा होगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी नेतन्याहू के फैसले की आलोचना की है।
गाजा में मौजूदा स्थिति
नेतन्याहू के अनुसार, गाजा का 70-75% हिस्सा इजराइली सेना के नियंत्रण में है, लेकिन दो गढ़ –गाजा शहर और सेंट्रल कैंप्स – अब भी हमास के पास हैं।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा और उन्हें खाना, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी।



