अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को साफ निर्देश दिए हैं कि ईरान मुद्दे पर किसी भी तरह की जल्दबाजी में समझौता न किया जाए।
हालांकि इससे पहले कई रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता बेहद करीब पहुंच चुका है। ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता होगा तो वह “अच्छा और सही” होगा, ना कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल जैसा।
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अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जिस प्रस्तावित समझौते पर चर्चा चल रही है उसमें 60 दिन का युद्धविराम बढ़ाना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत शामिल है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा,
“अगर मैं ईरान के साथ समझौता करता हूं, तो वह अच्छा और सही समझौता होगा। ओबामा वाला नहीं, जिसमें ईरान को भारी नकद राशि मिली और परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खुल गया।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारा समझौता बिल्कुल उल्टा है, लेकिन अभी किसी ने इसे देखा नहीं है और किसी को ठीक से पता भी नहीं है कि इसमें क्या होगा। यह अभी पूरी तरह तय भी नहीं हुआ है। इसलिए जो लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनसे पहले की सरकारों को यह समस्या वर्षों पहले सुलझा लेनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने दोहराया,
“मैं खराब समझौते नहीं करता।”
इस बीच शहबाज शरीफ ने रविवार को उम्मीद जताई थी कि वह अमेरिका-ईरान वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी कर सकते हैं।



