टेक्सास। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेरिका में हैं। टेक्सास में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस का मानना है कि भारत एक विचार है और हमारा मानना है कि भारत विचारों की बहुलता है। इसमें सभी को शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए। राहुल ने कहा कि यह लड़ाई है और लोकसभा चुनाव 2024 में और स्पष्ट हो गई जब भारत के लाखों लोगों ने स्पष्ट रूप से समझा कि भारत के प्रधानमंत्री भारत के संविधान पर हमला कर रहे हैं।
राहुल ने कहा कि मैंने आपसे जो भी कहा है, वह संविधान में है। आधुनिक भारत की नींव संविधान है। चुनाव में लोगों ने जो स्पष्ट रूप से समझा, और मैंने इसे होते हुए देखा। राहुल ने कि जब मैं संविधान का हवाला देता था, लोग समझते थे कि मैं क्या कह रहा था। वे कह रहे थे कि भाजपा हमारी परंपरा पर हमला कर रही है, हमारी भाषा पर हमला कर रही है, हमारे राज्यों पर हमला कर रही है, हमारे इतिहास पर हमला कर रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात, उन्होंने जो समझा वह यह था कि जो कोई भी भारत के संविधान पर हमला कर रहा है, वह हमारी धार्मिक परंपरा पर भी हमला कर रहा है।
👉 यह भी पढ़ें:
- इंदौर की सिसासत में अब ‘पंच’ की एंट्री, सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में दिखे नए राजनीतिक समीकरण
- भाजपा की संकल्प सभा में सफाईकर्मियों का हंगामा, नेताओं को करना पड़ा विरोध का सामना
- अमित शाह कर गए टीम मोहन यादव की तारीफ, कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की बात के लगने लगे सियासी मायने
- मिशन 2028 : कोई भागवत करा रहा, कोई पोते की खुशी में लड्डू बांट रहा, तो कोई निकाल रहा चुनरी यात्रा
- कैलाशजी, मंत्रिमंडल की बैठक में आप खुद ही नहीं जाते, फिर सीएम क्या आपके घर आकर बात करें या फिर हर दिन फोन लगाएं?
- मंत्री विजयवर्गीय का एक ही फंडा- न खाता न बही, जो मैं कहूं वही सही…
चीन में रोजगार की समस्या नहीं
राहुल गांधी ने बेरोजगारी को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि चीन ने अपने देश में उत्पादन पर ध्यान दिया। वहां रोजगार की समस्या नहीं है। भारत में अधिकांश चीजें मेड इन चाइना है। चीन की नीति उसे रोजगार देने में सफल बनाती है। राहुल ने कहा कि 25 लोगों का 16 लाख करोड़ रुपये का बैंक कर्ज माफ कर दिया गया है। इतने पैसे से कई उद्योग लग सकते थे। छात्रों से बातचीत के दौरान राहुल ने राजनीति में सुनने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुनना बोलने से कहीं ज्यादा जरूरी है। लोगों को समझने के लिए सुनना जरूरी है।



