नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। इससे पहले ही अमेरिका ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति ली है। अमेरिका की एक कोर्ट ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश पर भारत सरकार को समन जारी किया है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पूर्व रॉ चीफ सामंथ गोयल का नाम भी है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी अदालत के समन पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ये मामला पूरी तरह से अनुचित और सरकार की नीति के खिलाफ है। इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। हाईलेवल जांच भी शुरू की गई है और सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
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विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आरोप पूरी तरह निराधार है। इस केस से हमारे मत में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा। इस केस को दायर करने वाला शख्स एक गैर कानूनी संगठन का प्रतिनिधित्व करता है। जब इस मुद्दे को हमारे सामने पहली बार लाया गया, हमने तभी कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख पन्नू भारतीय नेताओं और संस्थाओं के खिलाफ भड़काऊ भाषण और धमकियां देने के लिए जाना जाता है।



