नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने एक्स पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का आज्ञाकारी नौकर तक बता दिया।
राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियों के बीच हुई बातचीत को लेकर यह टिप्पणी की है। राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका खुले आम लोगों के मारने का आदेश दे रहा है और हमारे कंप्रोमाइज्ड पीएम चुप्पी साधे बैठे हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- साढ़े पांच घंटे धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने मानी राहुल गांधी की बात, पैलेट गन मामले में एफआईआर
- पैलेट गन मामले में थाने पहुंचे राहुल गांधी, एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे
- राहुल गांधी ने कहा- संघ ने यह तय कर लिया कि वह 1.5 अरब लोगों की सच्चाई जानता है
- राहुल गांधी को नोटिस मिलने पर भड़के संजय राउत, कहा-इडियट को इडियट कहना गुनाह है क्या
- पीएम मोदी के भाषण पर छात्र आंदोलन का असर, 76 मिनट में 52 बार याद आए युवा और नौजवान
- रेवती रेंज में मंत्रीजी ने पौधों से बनवाई पीएम की ऐसी तस्वीर, मोदीजी अगर देख लें तो सिर पीट लें
न अफसोस, न माफी
राहुल गांधी ने एक्स लिखा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद – न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कंप्रोमाइज्ड पीएम सम्मान की रक्षा नहीं करेगा
एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा, लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा – क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है
राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर एक और पोस्ट लिखते हुए कहा कि कंप्रोमाइज्ड पीएम के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है। विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है – और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं। इस भारतीय को घर लाइए। अभी।
अमेरिकी नौसेना तीन जहाजों पर किए हमले
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी नौसेना और सेंट्रल कमांड ने ओमान के तट के नजदीक लगातार तीन दिनों में तीन अलग-अलग हमले किए। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस मौत के बाद देश में विपक्षी पार्टियां सरकार पर लगातार हमलावर हो रही हैं। वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को गलत बताते हुए, भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के चार्ज डी’अफेयर्स ‘जेसन मीक्स’ को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।



