बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा का कहर जारी: 48 घंटे में तीसरी मौत, 18 दिनों में 7 की हत्या
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला नौगांव जिले के महादेवपुर इलाके से सामने आया है, जहां चोरी के शक में उन्मादी भीड़ द्वारा पीछा किए जाने पर एक हिंदू युवक ने जान बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। दुर्भाग्यवश, पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
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मृतक की पहचान भंडारपुर गांव के निवासी मिथुन सरकार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसका शव बरामद किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बीते 48 घंटों में बांग्लादेश में किसी हिंदू की तीसरी हत्या है, जबकि पिछले 18 दिनों में 7 हिंदुओं को निशाना बनाकर मौत के घाट उतारा जा चुका है।
स्थानीय खबरों के मुताबिक, उन्मादी भीड़ ने चोरी के संदेह में मिथुन सरकार का पीछा किया। जान बचाने की कोशिश में वह नहर में कूद गया, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई। हालांकि, अब तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि मिथुन किसी चोरी की घटना में शामिल था या नहीं।
इससे पहले सोमवार को नरसिंगदी में किराने की दुकान चलाने वाले शरत चक्रवर्ती मणि की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसी दिन जशोर के मनीरामपुर इलाके में एक हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की गोली मारने के बाद गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



