पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उनकी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी समर्थकों ने कई इलाकों में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया है।
पार्टी के मुताबिक, “परिवर्तन” के नाम पर न्यू मार्केट इलाके के पास दुकानों में तोड़फोड़ की गई और तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों को निशाना बनाया गया। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह जीत का जश्न नहीं, बल्कि डर और दबाव का माहौल बनाने की कोशिश है।
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विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि इन घटनाओं के दौरान केंद्रीय बलों ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हालात बिगड़ते गए। पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं को खुली छूट मिल गई है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। तृणमूल कांग्रेस ने साफ किया है कि वह इस तरह की घटनाओं के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी और किसी दबाव में नहीं आएगी। पार्टी ने इन घटनाओं को “राज्य प्रायोजित हिंसा” करार देते हुए विरोध जारी रखने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, जगतबल्लवपुर में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। वहीं उत्तर 24 परगना जिले के सरबेरिया-आगरहाटी ग्राम पंचायत के बामनघेरी इलाके में भी तनाव बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि रात के समय गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर कुछ अज्ञात लोगों ने फायरिंग की। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।


