संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इजरायल और रूस के सुरक्षा बलों को सशस्त्र संघर्षों के दौरान यौन हिंसा और बलात्कार के गंभीर आरोपों के चलते अपनी ब्लैकलिस्ट में शामिल कर लिया है। यह फैसला फिलिस्तीनी बंदियों और यूक्रेनी युद्धबंदियों के खिलाफ सामने आए कथित यौन उत्पीड़न के विश्वसनीय मामलों के आधार पर लिया गया है।
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की आगामी रिपोर्ट में कहा गया है कि जांचकर्ताओं को पर्याप्त पहुंच नहीं मिलने के बावजूद कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें यौन हिंसा के आरोपों को विश्वसनीय माना गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: चढ़ावे में घोटाले के आरोपों से मचा सियासी तूफान, क्या SIT जांच में सामने आएगा बड़ा सच?
- Iran-US Peace Deal से बौखलाया Israel? नेतन्याहू का बड़ा ऐलान—’लेबनान से नहीं हटेंगे’, क्या ट्रंप और इजरायल में बढ़ गई दरार?
- Modi Government 12 Years: ‘अमृतकाल’ या महंगाई का काल? कांग्रेस के बड़े आरोपों से गरमाई राजनीति,
- TMC में बड़ा बवाल! ममता बनर्जी के करीबी नेता ने छोड़ी पार्टी, अभिषेक बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप
- Middle East Ceasefire Breakthrough! हिजबुल्लाह और इजराइल में बड़ी डील, ट्रंप की मध्यस्थता से रुकेगा युद्ध?
- गाजा पर इजराइल का बड़ा सैन्य दांव: नेतन्याहू ने 70% क्षेत्र पर कब्जे का दिया निर्देश
संयुक्त राष्ट्र ने इससे पहले अगस्त 2024 में ही दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि यदि ऐसे मामलों की जांच में सहयोग नहीं किया गया और आरोपों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें ब्लैकलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। इसके बावजूद, यूक्रेन युद्ध और फिलिस्तीनी क्षेत्रों से जुड़े मामलों में यौन हिंसा के आरोप लगातार सामने आते रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं को कई बार प्रभावित क्षेत्रों और हिरासत केंद्रों तक पहुंच नहीं दी गई। इसके बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर दोनों देशों को उन पक्षों की सूची में शामिल किया गया है, जिन पर संघर्ष के दौरान यौन हिंसा को अंजाम देने या उसके लिए जिम्मेदार होने के विश्वसनीय आरोप हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलिस्तीनी बंदियों से जुड़े मामलों में कथित तौर पर इजरायली सेना, सुरक्षा बलों और जेल सेवाओं के कुछ सदस्यों की भूमिका सामने आई है। वहीं, रूस के संबंध में आरोप है कि कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों और रूस के भीतर हिरासत में रखे गए लोगों के खिलाफ यौन हिंसा की घटनाएं हुईं।
यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन के आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा के 310 मामलों का दस्तावेजीकरण किया गया है। इनमें बलात्कार, जननांगों को नुकसान पहुंचाने और बिजली के झटकों जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं।
इस कार्रवाई पर इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र की आलोचना करते हुए फैसले का विरोध किया है, जबकि रिपोर्ट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।



