हाथरस। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर अन्य विपक्षी दलों के साथ सपा चीफ अखिलेश यादव भी योगी सरकार पर हमलावर हैं। रविवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस में थे, वहां एक शिलान्यास कार्यक्रम में उन्होंने अखिलेश यादव पर जमकर निसाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि आप क्या अयोध्या बसाएंगे आप ने तो राम भक्तों पर गोली चलवाई थी, एक बार राम लला के दर्शन कर लीजिए सद्बुद्धि आ जाएगी।
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को किसी से पहचान लेने की जरूरत नहीं है. अखिलेश जी चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए, रामलला के दर्शन करिए। अगर खुद को धार्मिक साबित करना चाहते हैं तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर भी खुलकर बोलिए, राम जन्मभूमि की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।
👉 यह भी पढ़ें:
- सीएम योगी ने साधा अखिलेश यादव पर जमकर निशाना, कहा- जो 12 बजे सोकर उठते हैं, उन्हें जनता का दर्द नहीं दिखता
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बोले सीएम योग-जन आस्था से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेंगे
- यूपी में 2027 फतह करने में जुटी भाजपा, नई टीम का ऐलान, राजनाथ सिंह के बेटे सहित कई को मिली बड़ी जिम्मेदारी
- अखिलेश यादव ने साधा योगी सरकार पर निशाना, कहा-इस सरकार के लिए धर्म का मतलब धन है
- अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि चोरी को लेकर सीएम योगी का सख्त एक्शन, जांच के लिए बनाई एसआईटी
- UP CM Yogi का बड़ा बयान-राम से द्रोह करने वालों को धरती पर जगह नहीं, भारत को धर्मशाला न समझें
सपा ने चलवाई थी रामभक्तों पर गोली
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी रामभक्तों पर गोली चलाने वाली पार्टी है और उसकी सरकार में कांवड़ यात्रा तक रोकी जाती थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मंदिरों के विकास पर काम करती है, जबकि पहले कब्रिस्तानों की बाउंड्री पर पैसा खर्च किया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में मथुरा भी नए विकास की गवाह बनेगी और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए
नौ वर्षों में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ
सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश का कोई ऐसा जिला नहीं था जहां दंगे और कर्फ्यू न होते हों। मथुरा, मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में लगातार सांप्रदायिक हिंसा होती थी, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता था। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में न कोई बड़ा दंगा हुआ और न ही कर्फ्यू लगाने की नौबत आई।



