अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता के बीच युद्धविराम को 60 दिनों तक बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनने की खबर सामने आई है। हालांकि, इस समझौते को अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में मौजूदा सीजफायर को दो महीने के लिए बढ़ाने के साथ-साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर औपचारिक बातचीत शुरू करने का प्रावधान शामिल है। इस कदम को क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सावधानी बरतते हुए कहा कि किसी अंतिम समझौते तक पहुंचने से पहले दोनों देशों को कई महत्वपूर्ण और लंबित मुद्दों का समाधान करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि समझौता कब और किस रूप में अंतिम रूप ले पाएगा।
वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समझौता अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है और इसकी आधिकारिक पुष्टि भी नहीं की गई है।
इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया था कि समझौते के ढांचे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन चुकी है, लेकिन इसे लागू करने के लिए शीर्ष नेतृत्व की स्वीकृति आवश्यक है।
इसी बीच हालात तब और संवेदनशील हो गए जब अमेरिकी सेना ने ईरान पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया। यह बयान ऐसे समय आया है जब कुवैत ने अपने ऊपर हमले की सूचना दी है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।


