नई दिल्ली। अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार अफगानिस्तान में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे दहशत फैल गई। देर रात आए इस भूकंप के कारण कई लोग घरों से बाहर भागते नजर आए। इस भूकंप से किसी नुकसान की खबर नहीं है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, यह भूकंप रात 1 बजे आया और इसकी गहराई 160 किमी थी। इससे पहले 13 मार्च को भी अफगानिस्तान में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। कम गहराई वाले भूकंप अधिक गहराई वाले भूकंपों की तुलना में ज़्यादा खतरनाक होते हैं। इसका कारण यह है कि इन भूकंपों में अधिक ऊर्जा धरती की सतह के करीब निकलती है, जिससे जमीन तेजी से हिलती है और इमारतों को अधिक नुकसान पहुंचता है। इससे लोगों के हताहत होने का खतरा भी बढ़ जाता है। अधिक गहराई वाले भूकंपों की ऊर्जा सतह तक पहुंचते–पहुंचते कमजोर हो जाती है।
👉 यह भी पढ़ें:
- India-Pakistan Tension: अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की भारत ने की कड़ी निंदा, UN ने भी जताई नागरिकों की मौत पर चिंता
- Pakistan Air Strike in Afghanistan: पाकिस्तान का बड़ा सैन्य ऑपरेशन, 29 आतंकियों के मारे जाने का दावा; तालिबान बोला- महिलाएं और बच्चे बने निशाना
- Venezuela Earthquake: 7.5 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप से अब तक , 920 की मौत, 3,360 घायल |
- Venezuela Earthquake: 7.5 और 7.2 तीव्रता के दो भीषण भूकंपों से तबाही, 235 की मौत, 4300 से ज्यादा घायल; दुनिया भर से मदद शुरू
- Venezuela Earthquake: 7.5 तीव्रता के भूकंप से दहला वेनेजुएला, इमारतें ढहीं, सुनामी अलर्ट जारी | Viral Photos Shock the World
- Earthquake in Telangana: आधी रात कांपी धरती! 3.8 तीव्रता के भूकंप से दहशत में लोग, घरों से बाहर निकले हजारों निवासी
फरवरी में आया था अफगानिस्तान में भूकंप
अफगानिस्तान में 9 फरवरी को भी अफगानिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई थी। यह भूकंप धरती की 255 किलोमीटर गहराई में दर्ज किया गया था। अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप आने का कारण उसका भौगोलिक स्थान है। यह क्षेत्र हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला के पास स्थित है, जहां यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इन प्लेटों के टकराव से भूगर्भीय तनाव उत्पन्न होता है। हिंदूकुश क्षेत्र में गहरे और उथले दोनों तरह के भूकंप आते हैं, जो सबडक्शन और सक्रिय फॉल्ट लाइनों जैसे चमन फॉल्ट के कारण उत्पन्न होते हैं।



