तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय के मुख्यमंत्री बनने का सपना फिलहाल अधर में नजर आ रहा है। बहुमत के लिए जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाने के कारण उनकी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
राज्यपाल आर वी अर्लेकर से मुलाकात कर विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन वह 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का लिखित समर्थन नहीं दिखा सके। सूत्रों के अनुसार, उन्हें फिलहाल 116 विधायकों का समर्थन ही हासिल हो पाया है।
जानकारी के मुताबिक स्थिति उस समय और मुश्किल हो गई जब सहयोगी दलों ने भी दूरी बना ली। आईयूएमएल ने साफ कर दिया कि वह विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा नहीं है। वहीं टीटीवी दिनाकरन की पार्टी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा कि सरकार बनाने का मौका एआईएडीएमके को दिया जाना चाहिए। इससे विजय की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
सरकार गठन को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच कांग्रेस ने भी अपने पांच विधायकों को हैदराबाद भेज दिया है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
तमिलनाडु में अब सबकी निगाहें राज्यपाल के अगले कदम और संभावित सत्ता समीकरणों पर टिकी हैं।
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