इंदौर। मध्यप्रदेश के काबिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा कथित तौर पर सीएम डॉ.मोहन यादव की चिट्ठी का असर अब दिखने लगा है। आज यानी बुधवार को ही चिट्ठी की खबर मीडिया के माध्यम से पहुंची और आज से ही भाजपा के विधायकों ने मंत्रीजी से दूरी बनानी शुरू कर दी है। बुधवार शाम को एआईसीटीएसएल के कार्यालय में विजयवर्गीय द्वारा बुलाई बैठक से महापौर और अधिकांश विधायकों ने दूरी बना ली।
मंत्री विजयवर्गीय ने वृक्षारोपण एवं वर्षा जल संचयन विषय पर बुधवार शाम को एआईसीटीएसएल के दफ्तर में बैठक बुलाई थी। इसमें पेड़ लगाओ, पानी बचाओ जल अभियान को जन-आंदोलन बनाने हेतु सभी स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।
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सभी विधायकों को होना था शामिल
इस बैठक के लिए जारी आमंत्रण में कहा गया था कि इसमें नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संशाधन मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायकगण, महापौर एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन मिलेगा।
बैठक में पहुंचे सिर्फ तीन विधायक
बताया जाता है कि पूरे जिले के लिए बुलाई इस बैठक में विधायकों में सिर्फ महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा और गोलू शुक्ला ही पहुंचे। मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक मनोज पटेल, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक मालिनी गौड़, विधायक उषा ठाकुर ने इससे दूरी बनाई। और तो और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी बैठक में नहीं पहुंचे।
महापौर इंदौर से बाहर थे
इस बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी नहीं पहुंचे। उनके करीबी लोगों ने बताया कि महापौर एक शादी में शामिल होने के लिए खरगोन गए थे। सोचा था कि बैठक के टाइम तक लौट आएंगे, लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण नहीं पहुंच पाए।
विजयवर्गीय बोले-मार्गदर्शन लेने आया था
बैठक के बाद जब मीडियाकर्मियों ने विजयवर्गीय से पूछा कि आपने क्या दिशा-निर्देश दिए तो जवाब मिला कि मैं तो यहां मार्गदर्शन लेने आया था। किस प्रकार हम 21 लाख पेड़ लगा सकें। सभी सरकारी विभाग, सामाजिक संगठन और समाजों के साथ बैठेंगे। कोशिश करेंगे कि सारे पेड़ जिंदा रहें। देवगुराड़िया के पास भी पेड़ लगाएंगे। इंदौर को वृक्षारोपण में नंबर वन बनाना है। वन विभाग ने पिछली बार पल्ला झाड़ लिया था, लेकिन इस बार सहयोग करने की बात कर रहे हैं। जल संचयन को लेकर उन्होंने कहा कि एक जमाना था कि जब इंदौर में 100-150 फुट पर पानी आता था, लेकिन हमने बारिश का पानी बहने दिया। इसी वजह से यह समस्या आई।



