नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से कहा कि अब कुछ लोगों को लग रहा है कि यह मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है? इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक बात है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। सब साथ चलेंगे तो किसी को भी लाभ नहीं होगा, यह लिखकर ले लो क्योंकि फिर इसका अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। जैसे ही यह पारित हो जाए, मैं सबका आभार प्रकट करने के लिए तैयार हूं। …ले लो क्रेडिट। जिसकी फोटो आप (विपक्ष) कहेंगे, हम सरकारी खर्चे से उसकी फोटो छपवा देंगे। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।
देश की नारी शक्ति का हक है
पीएम मोदी ने कहा कि इस आशंका को दूर किया कि परिसीमन के दौरान राज्यों के हिस्से में आने वाली सीटों के अनुपात में कोई बदलाव होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इसका श्रेय नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति का यह हक है। हमने कई दशकों से इसे रोका हुआ था, अब प्रायश्चित कर उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है। तीन दशक तक आपने इसे रोककर रखा, फिर भी कुछ कर नहीं पाए, तो अब तो करो।
इस प्रक्रिया से भेदभाव या अन्याय नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि यह प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव या अन्याय नहीं करेगी। पहले से चले जा रहे अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा। गारंटी कहिए तो गारंटी कहता हूं। वादे की बात करें तो वादा करता हूं। नीयत साफ हो तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब-जब चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है। नीयत में खोट को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। समय की मांग है कि अब ज्यादा विलंब न हो।
खुद के पिछड़े समाज से आने का किया जिक्र
सपा सांसद धर्मेद्र यादव ने जब महिला विधेयक पर बोलते हुए पीएम को टोका, तो पीएम मोदी ने रुककर जवाब दिया कि मैं आपका बहुत आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करा दी। यह सही है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं। अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो मदद कर देते हैं। मेरा दायित्व सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है और संविधान मेरे लिए सर्वोपरि है।’ इस पर अखिलेश यादव अपनी हंसी नहीं रोक पाए और पीएम के सामने अपने हाथ जोड़ते दिखे।
विरोध करने वाले चुकाएंगे कीमत
पीएम मोदी ने विपक्ष को कहा कि जो इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने 2024 के चुनावों का हवाला देते हुए बताया कि सभी दलों की सहमति से यह मुद्दा पारित हुआ था, इसलिए किसी का फायदा या नुकसान नहीं हुआ। पीएम ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की ग्रासरूट लीडरशिप को मान्यता देना राजनीतिक समझदारी है। यह ऐतिहासिक पल है जो देश के लोकतंत्र को मजबूत धरोहर देगा। उन्होंने सभी दलों से एकजुट होकर विधेयक पास करने की अपील की ताकि महिलाओं को उनका हक मिल सके।


