प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में महिला आरक्षण बिल पर कहा-जो पाप विपक्ष ने किया, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं-बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है, तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा।

संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां

कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था।

अपना असली चेहरा सामने ला दिया है

पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए, लेकिन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

कांग्रेस ने दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी

कांग्रेस ने बांटो और राज करो की नीति विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा देती है। हमने स्पष्ट किया किया था सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।

Harish Fatehchandani
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Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तमिलनाडु में थे। कोयंबटूर में उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने कहा कि डीएमके, कांग्रेस और उनके साथियों ने इसे नफरत और ओछी राजनीति कर पास नहीं होने दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आज अपनों के बीच मैं अपनी पीड़ा और अपना गुस्सा व्यक्त करना चाहता हूं। 2023 में हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया और इस महीने की 16 तारीख को हम संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए महत्वपूर्ण विधेयक लेकर आए। मैंने सभी पार्टियों से इसका समर्थन करने का अनुरोध किया, लेकिन डीएमके, कांग्रेस और उनके साथियों ने इसे नफरत और ओछी राजनीति का शिकार बना लिया। अगर ये बिल पारित हो जाता तो तमिलनाडु की बहुत सारी महिलाएं विधायक और सांसद बन पात, लेकिन डीएमके ऐसा नहीं होने देना चाहती। डीएमके के कृत्य अब एक्सपोज हो चुके हैं पीएम मोदी ने कहा कि डीएमके के कृत्य अब बहुत अच्छे से एक्सपोज हो चुके हैं। जनता डीएमके के काले कारनामे अच्छे से जान चुकी है। झूठ फैलाने से उनके काले कारनामे छिपने वाले नहीं हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी से कहता हूं. कल संसद में बिल का गिरना अंत नहीं है, यह शुरुआत है। हम संघर्ष करते रहेंगे। महिलाओं को उनका हक दिलाकर रहेंगे। तमिलनाडु में महिलाएं सुरक्षित नहीं पीएम मोदी ने कहा कि आज तमिलनाडु में महिलाएं और यहां तक कि जवान लड़कियां भी अपराधियों से सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन अब डीएमके की इस महिला विरोधी सोच का जवाब ज़रूर दिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि डीएमके संसद में भी महिलाओं के साथ खड़ी नहीं होती, लेकिन अब इसकी महिला विरोधी सोच को कड़ी चुनौती दी जाएगी। पीएम मोदी ने डीएमके की पॉलिसी परिवार द्वारा, परिवार का और परिवार के लिए है। उन्होंने कहा कि डीएमके के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और दिल्ली में प्रमुख एमपी सभी एक ही परिवार के हैं। यहां तक कि फिल्म इंडस्ट्री, मीडिया और बड़े नेताओं पर भी एक ही परिवार का कंट्रोल है।