कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में बुरी तरह हार के बाद भी ममता बनर्जी ने सीएम पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद गुरुवार को राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल बर्खास्त कर दिया। ये पूरा निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ है।
आज ही पूरा हुआ विधानसभा का कार्यकाल
उल्लेखनीय है कि संविधान के हिसाब से विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होता है और मौजूदा विधानसभा 8 में 2021 से 7 में 2026 तक अस्तित्व में रही। अब नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है लिहाजा पुरानी विधानसभा को भंग कर दिया गया। इस आदेश के बाद अब ममता बनर्जी को इस्तीफा देने की जरूरत ही नहीं रही।
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ममता ने इस्तीफा देने से किया इनकार
ममता बनर्जी ने ये भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई चुनाव आयोग से थी, जिसने भाजपा के लिए काम किया। उन्होंने कहा था कि मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है। मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। लगभग 100 सीट पर जनादेश को लूट लिया गया।
9 मई को नई सरकार के शपथ की तैयारी
अब भाजपा 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ की तैयारी कर रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत भाजपा शासित कई राज्यों के सीएम के शामिल होने की संभावना है।
भाजपा विधायक दल की बैठक कल
केंद्रीय पर्यवेक्षक गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शुक्रवार शाम चार बजे भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता का चयन होगा। अभी मुख्यमंत्री की रैस में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी चल रहे हैं। इस बार भाजपा ने उनके चेहरे पर ही चुनाव लड़ा था, इसलिए माना यह जा रहा है कि उनके नाम पर ही मुहर लगेगी।


