पश्चिम बंगाल के चर्चित नगरपालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुजीत बोस को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले उनसे करीब दस घंटे तक लंबी पूछताछ की गई, ईडी अधिकारियों के अनुसार, सुजीत बोस को मंगलवार को कोलकाता की अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले भी एक मई को उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि दक्षिण दमदम नगरपालिका में अवैध भर्ती के लिए उम्मीदवारों की सिफारिश की गई थी और इसी मामले में उनसे लगातार पूछताछ की जा रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को ऐसी सूची मिली है जिसमें कम से कम डेढ़ सौ उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद सुजीत बोस साल्टलेक स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे थे, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ हुई।
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ईडी इससे पहले भी सुजीत बोस के घर और दफ्त्तर पर छापेमारी कर चुकी है। विधानसभा चुनाव से पहले एजेंसी ने उन्हें कई बार समन भेजा था, लेकिन उन्होंने चुनावी व्यस्तताओं का हवाला देकर पेश होने में असमर्थता जताई थी।
जांच एजेंसी इस मामले में उनके बेटे और परिवार के कई अन्य सदस्यों से भी पूछताछ कर चुकी है। हालांकि, लगातार समन मिलने के बाद सुजीत बोस ने दावा किया था कि इस मामले में सीबीआई पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और उसमें उनका नाम शामिल नहीं है।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी सरकार में फायर ब्रिगेड मंत्री रह चुके सुजीत बोस इस बार विधाननगर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।



