अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गहराता दिखाई दे रहा है। अमेरिका द्वारा युद्ध समाप्त करने से जुड़े ईरानी प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद तेहरान ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि वॉशिंगटन के पास अब 14 सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
मोहम्मद बागर गालिबाफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरानी जनता के अधिकारों को मान्यता देना ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि 14 बिंदुओं वाले प्रस्ताव में जो बातें रखी गई हैं, उन्हें मानने के अलावा कोई समाधान संभव नहीं है।
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गालिबाफ ने चेतावनी भरे अंदाज में लिखा कि अगर अमेरिका टालमटोल करता रहा तो उसे लगातार नाकामियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जितनी देर अमेरिका फैसले में करेगा, उतना अधिक आर्थिक बोझ अमेरिकी करदाताओं पर पड़ेगा।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से भेजे गए जवाब को “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया है। इसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाए गए इस प्रस्ताव में कई अहम मांगें रखी गई थीं। इनमें तत्काल युद्धविराम लागू करना, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना और भविष्य में ईरान पर दोबारा हमला न करने की गारंटी शामिल है।
माना जा रहा है कि अमेरिका द्वारा इन शर्तों को ठुकराने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक राजनीति और तेल बाज़ार पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका है।


