अमेरिका और ईरान के बीच भले ही संघर्षविराम लागू हो चुका हो, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट ने क्षेत्रीय राजनीति और कूटनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर जगह देकर उन्हें संभावित अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने में मदद की।
हालांकि पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान में से किसी ने भी इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।
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अमेरिकी न्यूज चैनल की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बाद ईरान ने अपने कई सैन्य विमानों को पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर भेजा था। दावा किया गया है कि इनमें एक अत्याधुनिक जासूसी और खुफिया जानकारी जुटाने वाला विमान भी शामिल था।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन विमानों को अमेरिकी हमलों से सुरक्षित रखने के लिए पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अपने कुछ नागरिक विमानों को अफगानिस्तान भी भेजा था। अफगान अधिकारियों के अनुसार, ईरानी एयरलाइन महान एयर का एक विमान युद्ध शुरू होने से पहले काबुल पहुंचा था और ईरानी एयरस्पेस बंद होने के बाद वहीं रुका रहा। बाद में उसे हेरात एयरपोर्ट भेज दिया गया, जो ईरान सीमा के करीब स्थित है।
इन दावों के बाद अमेरिकी राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो अमेरिका को ईरान और अन्य देशों के बीच मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर दोबारा गंभीरता से विचार करना पड़ेगा।
ग्राहम ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के कुछ रक्षा अधिकारियों के पुराने बयानों को देखते हुए उन्हें इस तरह की खबरों पर ज्यादा हैरानी नहीं होगी।
दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नूर खान एयरबेस शहर के बीचों-बीच स्थित है और वहां बड़ी संख्या में सैन्य विमान छिपाकर रखना लगभग असंभव है, क्योंकि आम लोगों की नजर आसानी से उन पर पड़ सकती है।
बहरहाल अमेरिकी मीडिया में सामने आई इस रिपोर्ट ने उसके लिए नई कूटनीतिक मुश्किलें जरूर खड़ी कर दी हैं।


